
UIDAI Aadhaar Deactivation News: देश में 2 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को डी-एक्टिव कर दिया गया है। यह कदम आधार डेटाबेस को सटीक और सुरक्षित बनाए रखने के लिए उठाया गया है। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने इन आधार नंबरों को क्लीन-अप अभियान के तहत डी-एक्टिव किया है। इनमें मुख्य रूप से मृत व्यक्तियों के आधार नंबर बंद किए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि मृतकों की पहचान के लिए UIDAI कई सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
यूआईडीएआई ने रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI), विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम सहित कई स्रोतों से मृत व्यक्तियों का डेटा जुटाया है। इसके अलावा अब वित्तीय संस्थानों- जैसे बैंक और बीमा कंपनियों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की योजना है, जिससे की मृतकों की जानकारी और तेजी से मिल सके।
मंत्रालय ने साफ किया है कि एक बार जारी हुआ आधार नंबर कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को दोबारा आवंटित नहीं किया जाता है। मृत्यु के बाद आधार नंबर को स्थायी रूप से निष्क्रिय करना इसलिए जरूरी है ताकि उसकी धोखाधड़ी या गलत इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न रहे। खासकर सरकारी योजनाओं का लाभ गलत हाथों में जाने से रोका जा सके।
बता दें कि इस साल जून में UIDAI ने myAadhaar पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति अपने परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना ऑनलाइन दे सकता है। अभी यह सुविधा 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुकी है, जहां सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से सीधा कनेक्शन है। बाकी राज्यों में भी जल्द ही यह सुविधा जोड़ी जा रही है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.