
How to Claim unclaimed bank amount: भारतीय बैंकों में जमा हजारों करोड़ रुपये का कोई दावेदार नहीं मिल रहा है। पिछले पांच सालों में यह लावारिस रकम दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है, जिसके बाद बैंकिंग सिस्टम ऐक्टिव हो गया है। केंद्र सरकार विशेष अभियान चलाकर यह पैसा उनके सही हकदारों तक पहुंचा रही है। अगर आपका या आपके परिवार का कोई पुराना बैंक खाता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
देश के अलग-अलग बैंकों में पड़ा अनक्लेम्ड डिपॉजिट तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2021 के अंत में यह राशि 27,824 करोड़ रुपये थी। 30 जून, 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, अब यह बढ़कर 67,004 करोड़ रुपये हो गई है। इसका मतलब है कि महज पांच साल में लोगों के भूल जाने वाली रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर को एक अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 'आपका पैसा, आपका अधिकार' पहल के तहत अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये सही मालिकों को वापस मिल चुके हैं। यह कुल अनक्लेम्ड अमाउंट का 3 प्रतिशत के करीब ही है।
अनक्लेम्ड डिपॉजिट के मामले में सरकारी बैंक सबसे आगे हैं। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कुल लावारिस रकम में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 87.06 प्रतिशत है।
30 जून, 2025 तक इन बैंकों में सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड अमाउंट पड़े थे...
1. भारतीय स्टेट बैंक (SBI): ₹19,330 करोड़ (कुल का 33.14%)
2. पंजाब नेशनल बैंक (PNB): ₹6,911 करोड़ (कुल का 11.85%)
3. केनरा बैंक: ₹6,278 करोड़ (कुल का 10.76%)
4. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: ₹5,277 करोड़ (कुल का 9.05%)
5. बैंक ऑफ बड़ौदा: ₹5,105 करोड़ (कुल का 8.75%)
सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में भी भारी भरकम राशि लावारिस पड़ी है। 30 जून, 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि आईसीआईसीआई और एचडीएफसी जैसे बड़े बैंकों में भी ग्राहकों का करोड़ों रुपया जमा है।
1. ICICI बैंक: ₹2,063 करोड़ (कुल का 23.79%)
2. HDFC बैंक: ₹1,610 करोड़ (कुल का 18.56%)
3. एक्सिस बैंक: ₹1,360 करोड़ (कुल का 15.68%)
4. IDBI बैंक: ₹590 करोड़ (कुल का 6.8%)
5. कोटक महिंद्रा बैंक: ₹559 करोड़ (कुल का 6.45%)
बैंकों के नियम के अनुसार, अगर किसी बचत या चालू खाते (Savings or Current Account) में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता, तो उसे निष्क्रिय मान लिया जाता है। इसी तरह, अगर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की मैच्योरिटी के 10 साल बाद भी कोई पैसा नहीं निकालता, तो उसे 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' की कैटेगरी में डाल दिया जाता है।
पुराने बैंक खातों या परिजनों के लावारिस पैसे को खोजना और उसे वापस पाना अब पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए एक खास सेंट्रलाइज्ड पोर्टल बनाया है। आप इन आसान स्टेप्स की मदद से अपना पैसा क्लेम कर सकते हैं...
RBI ने UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) नाम से एक वेब पोर्टल शुरू किया है।
सबसे पहले इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करें।
यहां आप अपना नाम और मोबाइल नंबर डालकर सर्च कर सकते हैं।
सटीक जानकारी के लिए अपना पैन (PAN) कार्ड नंबर, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर का उपयोग करें।
यह पोर्टल एक साथ कई बैंकों में मौजूद आपके अनक्लेम्ड पैसे की जानकारी दे देता है।
हर बैंक के लिए अपनी वेबसाइट पर लावारिस जमा की लिस्ट डालना अनिवार्य है।
अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
वहां 'Unclaimed Deposits' या 'Inoperative Accounts' सेक्शन को खोजें।
अपना नाम, जन्म तिथि या पता दर्ज करके सर्च करें।
एक बार जब आपको पता चल जाए कि पैसा किस बैंक में है, तो आपको उस बैंक की नजदीकी ब्रांच में जाना होगा।
जरूरी दस्तावेज: अपना पहचान पत्र (Aadhaar/PAN), पते का प्रमाण और खाते से संबंधित कोई भी पुराना दस्तावेज (जैसे पासबुक या एफडी रसीद) साथ ले जाएं।
क्लेम फॉर्म: बैंक से 'Unclaimed Deposit Claim Form' मांगें और उसे भरकर जमा करें।
KYC प्रक्रिया: बैंक आपकी फिर से केवाईसी (KYC) करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पैसा सही व्यक्ति को मिल रहा है।
अगर आप अपने किसी दिवंगत परिजन का पैसा क्लेम कर रहे हैं, तो आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी...
खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र ।
आपका उनके साथ संबंध दर्शाने वाला प्रमाण (जैसे उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या कानूनी वारिस दस्तावेज)।
बैंक की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद पैसा आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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