Under Construction Property: क्या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदना चाहिए? यहां जानिए फायदे और नुकसान

Under Construction Property: इन दिनों घरों की डिमांड हर जगह बढ़ी है। बहुत से लोग कंफ्यूजन में रहते हैं कि अंडरकंस्‍ट्रक्‍शन घरों में पैसे लगाएं या फिर रेडी टू मूव घर खरीदे हैं। अगर आप भी इस दौर से गुजर रहे हैं तो आइये जानते हैं कौन सा घर खरीदना रहेगा बेहतर

Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
अपडेटेड2 Nov 2025, 09:39 AM IST
Under Construction Property: रेडी टू मूव घर खरीदने पर टैक्स में फायदा मिलता है।
Under Construction Property: रेडी टू मूव घर खरीदने पर टैक्स में फायदा मिलता है। (Livemint)

Under Construction Property: जब आप घर खरीदने की सोचते हैं तो आपके सामने दो विकल्प होते हैं। पहला रेडी-टू-मूव और दूसरा अंडर-कंस्ट्रक्शन। रेडी टू मूव घर महंगे होते है। वहीं अंडर कंस्ट्रक्शन सस्ते होते हैं। ऐसे में बहुत से लोग अंडर कंस्ट्रक्शन की ओर आकर्षित होने लगते हैं। दोनों तरह से घर खरीदने में फायदा और नुकसान शामिल है। अंडर कंस्ट्रक्शन घर खरीदने में जोखिम ज्यादा रहता है। ऐसे में रेडी टू मूव घर खरीदना फायदे का सौदा साबित हो सकता है। आइये जानते है किस तरह के घर खरीदना चाहिए।

जब बात रेडी-टू-मूव फ्लैट और अंडर कंस्ट्रक्शन की हो तो आपका चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपको पजेशन कितनी जल्दी चाहिए और क्या आप पूरी रकम एक बार में चुका सकते हैं।

अंडर कंस्ट्रक्शन में पजेशन का रिस्क

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी आमतौर पर सस्ती होती हैं। बिल्डर अक्सर आसान किस्तों में पेमेंट का ऑप्शन देते हैं। लेकिन, इसमें देरी, बिल्डर की विश्वसनीयता, या प्रोजेक्ट रुकने का जोखिम रहता है। रिटर्न अच्छा हो सकता है अगर लोकेशन अच्छी हो, बिल्डर भरोसेमंद हो, और मार्केट की स्थिति ठीक रहना चाहिए। अगर बिल्डर ने टाइम पर पजेशन नहीं दिया तो वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन का कहना है कि कई बिल्डर देरी से पजेशन देते हैं। इसमें एक महीना से लेकर 2-3 साल तक का समय लग सकता है। रेरा रेगुलेशन आने के बाद पजेशन में थोड़ा सुधार हुआ है।

यह भी पढ़ें | PF से जुड़े बिना रह गए? अब सरकार दे रही है दूसरा मौका, जानें क्या है योजना

हालांकि रिस्क अभी भी बना हुआ है। वहीं अगर आप रेडी-टू-मूव-इन घर लेने का फैसला करते हैं, तो आपको डेवलपर की तरफ से देरी और डिफ़ॉल्ट का रिस्क नहीं होता है। आपके दिए गए पैसे का आपको तुरंत फायदा मिलता है।

अंडर कंस्ट्रक्शन में पड़ सकती है दोहरी मार

अगर आप किराए के घर में रहते हैं और अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदते हैं, इस दौरान समय से पजेशन नहीं मिलने पर रिस्क और ज्यादा बढ़ सकता है। इसमें आपकी EMI शुरू हो जाएगी और रहने का किराया अलग से देना पड़ता है। ऐसे में लोगों को आर्थिक रूप से दोहरी मार पड़ सकती है। इसके उलट, अगर आप रेडी-टू-मूव-इन फ्लैट खरीदते हैं, तो आपको किराए के घर से मुक्ति मि जाती है। आपके किराए के पैसे बचेंगे। यह आपको EMI भरने में काम देगा। आपके पैसे भी बच सकते हैं।

यह भी पढ़ें | इस गांव के आगे दिल्ली-मुंबई भी फेल, घरों के बढ़े दाम

अंडर-कंस्ट्रक्शन खरीदते वक्त बिल्डर की साख कैसे जांचें?

  1. बिल्डर के पुराने प्रोजेक्ट्स और डिलीवरी रिकॉर्ड देखें।

2. RERA रजिस्ट्रेशन और प्रोजेक्ट की कानूनी मंजूरी चेक करें।

3. ऑनलाइन रिव्यूज पढ़ें और पुराने खरीदारों से बात करें।

4. रियल एस्टेट या कानूनी विशेषज्ञ की सलाह लें।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीUnder Construction Property: क्या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदना चाहिए? यहां जानिए फायदे और नुकसान
More
बिजनेस न्यूज़मनीUnder Construction Property: क्या निर्माणाधीन संपत्ति खरीदना चाहिए? यहां जानिए फायदे और नुकसान