
गरीबों के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जाती है। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में गरीबों को बेटी की शादी के लिए 'शादी अनुदान योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के तहत गरीबों को 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। इससे गरीब अभिभावकों पर शादी के समय आने वाले खर्च का बोझ कम होगा। यह सहायता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों को दी जाएगी। इसमें अल्पसंख्यक ओबीसी परिवार शामिल नहीं होंगे।
शादी अनुदान योजना के मुताबिक, शादी के 90 दिन पूर्व या 90 दिन बाद तक पात्र अभ्यार्थी ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए बेटी की न्यूनतम उम्र 18 साल और वर की न्यूनतम उम्र 21 साल होना चाहिए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वृद्धावस्था, विकलांगता और विधवा पेंशन के लाभार्थियों को आय प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं होगी। इन लोगों को सिर्फ अपना रजिस्ट्रेशन नंबर भरना होगा।
अप्लाई करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। अभिभावक शादी से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक इस योजना के लिए shadianudan.upsdc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद करना है, ताकि बेटियों की शादी में कोई दिक्कत न आए। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में होना अनिवार्य है। जिला सहकारी बैंक का खाता मान्य नहीं है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, शादी का कार्ड,बेटी की उम्र का प्रमाण पत्र,अभ्यर्थी का फोटो आदि.आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किए जाते हैं।
मौजूदा समय में शादी अनुदान योजना में 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। समाज कल्याण विभाग, शादी अनुदान योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। तीन लाख रुपये प्रति वर्ष आय वाले परिवारों की बेटियों को योजना का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि को भी 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है।
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