UPI Payments: आज के समय में लगभग हर कोई ऑनलाइन पेमेंट करना पसंद करता है। ऑनलाइन पेमेंट ने कई काम आसान कर दिए हैं, क्योंकि अब न तो बार-बार एटीएम जाकर कैश निकालने की झंझट होती है और न ही चेंज रखने की परेशानी। देश में ज्यादातर लोग पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए फोन पे, गूगल पे और पेटीएम का नाम तो सुना ही होगा। अब इस लिस्ट में एक और कंपनी जुड़ रही है। इस कंपनी को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India - NPCI) की ओर से मंजूरी भी मिल गई है। इसका नाम वियोना है।
मनीकंट्रोल में छपी खबर के मुताबिक, हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी वियोना फिनटेक को NPCI से थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रदाता (टीपीएपी) के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है, जिससे तेजी से बढ़ते यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इकोसिस्टम में इसके दाखिल होने का रास्ता साफ हो गया है।
ग्रामीण भारत पर बढेगा फोकस
ग्रैमपे और वियोना पे ऐप बनाने वाली इस फिनटेक कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस मंज़ूरी से बैंकों के साथ साझेदारी में भारत के टियर II, टियर III और ग्रामीण बाजारों में डिजिटल भुगतान का विस्तार करने की उसकी योजनाओं में तेजी आएगी। वियोना फिनटेक के फाउंडर रवींद्रनाथ यार्लागड्डा ने कहा कि यह मंजूरी किसानों, दुकानदारों और परिवारों के लिए यूपीआई भुगतान को और अधिक आसान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी शहरी और वंचित समुदायों, दोनों के लिए सुरक्षित और सरल वित्तीय उपकरण बनाने पर फोकस बढ़ाएगी। कुल मिलाकर ग्रामीण इलाकों में जो अभी डिजिटल पेमेट के दायरे से बाहर हैं, कंपनी उन यूजर्स पर अपना फोकस बढ़ाएगी।
किसान बाजार शुरू करने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अपने विजन के एक हिस्से के रूप में वियोना GRAAMPAY के भीतर एक किसान बाजार भी शुरू कर रहा है। कंपनी की इस योजना से किसान उचित मूल्य निर्धारण, तेजी से निपटान और UPI इकोसिस्टम तक बेहतर पहुंच के लिए खरीदारों से सीधे जुड़ सकेंगे। यह प्लेटफार्म ग्रामीण स्तर के उद्यमियों (VLEs) के नेटवर्क के जरिए ग्रामीण ई-कॉमर्स और वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देता है।
जानिए क्या है UPI
बता दें कि यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है। डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई जैसी सुविधा आपको घर बैठे आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। इसके लिए आपको यूपीआई सपोर्ट करने वाले ऐप जैसे पेटीएम, फोनपे, भीम, गूगलपे आदि की जरूरत होती है। खास बात यह है कि यूपीआई आपको स्कैनर, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी इनमें से सिर्फ एक जानकारी होने पर भी पैसे ट्रांसफर की सुविधा देता है। इसमें बैंक डिटेल देने की भी जरूरत नहीं पड़ती केवल एक UPI ID से काम हो जाता है।