
भारत में जब कोई व्यक्ति अपने सपनों का घर खरीदने के लिए लोन लेना चाहता है, तो उसके सामने एक बड़ा सवाल होता है कि बैंक से होम लोन लिया जाए या फिर एनबीएफसी से? दोनों ही तरह की संस्थाएं होम लोन देती हैं, लेकिन इनके अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं।
इसी तरह जब आपको तुरंत पैसों की जरूरत होती है, तो सही लेंडर चुनना भी बहुत जरूरी होता है। पर्सनल लोन भी बैंक और एनबीएफसी, दोनों ही देते हैं। तो आखिर किसे चुना जाए? आइए, इसे सरल भाषा में समझते हैं।
NBFCs आमतौर पर लोन जल्दी मंजूर करती हैं और इनके नियम थोड़े लचीले होते हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है या आपकी आमदनी नियमित नहीं है, तो भी एनबीएफसी से लोन मिलने की संभावना होती है। बैंक में मंजूरी की प्रक्रिया थोड़ी सख्त होती है, लेकिन ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होती है। अगर आपकी पात्रता ठीक है, तो बैंक से लोन जरूर मिल जाता है बस समय थोड़ा ज्यादा लग सकता है।
NBFCs कम दस्तावेज मांगते हैं, इसलिए यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो स्वयं-नियोजितहैं या जिनके पास सैलरी स्लिप नहीं है।
बैंक थोड़े ज्यादा दस्तावेज़ मांगते हैं, जैसे पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस), आय प्रमाण (तीन महीने की सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट) और पता प्रमाण (बिजली का बिल, किराया अनुबंध आदि)। हालांकि अब कई बैंक ऑनलाइन पर्सनल लोन की सुविधा भी देते हैं, जिसमें सिर्फ जरूरी दस्तावेज़ ही मांगे जाते हैं।
बैंक आमतौर पर NBFCs की तुलना में ज्यादा लोन राशि और लंबी रीपेमेंट टेन्योर देते हैं। इसलिए शादी, घर की मरम्मत या ऊंची पढ़ाई जैसे बड़े खर्चों के लिए बैंक लोन अधिक उपयुक्त होता है।
बैंकों की ब्याज दरें सामान्यतः कम और स्थिर होती हैं, खासकर यदि आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है। NBFCs अधिक लचीलापन दिखाते हैं, लेकिन उनकी दरें थोड़ा ज्यादा हो सकती हैं, खासकर जब आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर हो।
बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सख्त नियमों के तहत काम करते हैं, इसलिए वे लंबे समय के लिए अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। NBFCs भी RBI द्वारा नियंत्रित होते हैं, लेकिन उन पर नियम थोड़े हल्के होते हैं। इसलिए NBFC से लोन लेने से पहले उसकी विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा जरूर जांचें।
होम लोन के मामले में बैंक और NBFCs के बीच कई अंतर होते हैं जैसे ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस, पात्रता, और लोन मंजूरी की प्रक्रिया। बैंक कम ब्याज दर देते हैं क्योंकि उन्हें सस्ता फंड RBI और ग्राहक जमाओं से मिलता है, जबकि NBFCs दस्तावेज और पात्रता के मामले में ज्यादा लचीले होते हैं।
बैंक और NBFC में से किससे होम लोन लेना बेहतर रहेगा, यह आपकी जरूरत, क्रेडिट स्कोर और परिस्थिति पर निर्भर करता है। लोन लेने से पहले ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस, ग्राहक सेवा और अन्य शर्तों की तुलना जरूर करें।
साथ ही अपनी वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर फैसला लें। सही विकल्प चुनकर आप अपने सपनों का घर पाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से समझदारी भरा कदम भी उठा सकते हैं।
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