जानिए नौकरी छोड़ने के 3 साल बाद आपके EPF अकाउंट के साथ क्या होगा? जानिए पूरा मामला

अपने EPF खाते की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करें और कई खातों को एक करें। इससे रिटायरमेंट बचत बढ़ेगी। नौकरी बदलने पर खाता ट्रांसफर करना बेहतर है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड23 Oct 2025, 01:42 PM IST
जानिए नौकरी छोड़ने के 3 साल बाद आपके EPF अकाउंट के साथ क्या होगा? जानिए पूरा मसला
जानिए नौकरी छोड़ने के 3 साल बाद आपके EPF अकाउंट के साथ क्या होगा? जानिए पूरा मसला

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में योगदान बंद करने से आपकी रिटायरमेंट ग्रोथ रुक सकती है और लंबे समय की बचत पर असर पड़ सकता है, अगर इसे सही तरह से मैनेज न किया जाए। जब आप ऐसी नौकरी छोड़ देते हैं जहां से EPF की कटौती होती है, या ऐसी नौकरी जॉइन करते हैं जहां EPF लागू नहीं है, तो आपका योगदान बंद हो जाता है। हालाँकि, आपका EPF खाता कुछ समय तक सक्रिय रहता है और उस अवधि में ब्याज मिलता रहता है।

निष्क्रिय खातों पर ब्याज

अगर 36 महीनों (तीन साल) तक खाते में कोई योगदान नहीं किया जाता, तो वह खाता निष्क्रिय कहलाता है। तब तक खाते पर मौजूदा ब्याज दर के अनुसार ब्याज मिलता रहता है। तीन साल बाद, उस पर नया ब्याज मिलना बंद हो जाता है। फिर भी आपकी जमा रकम सुरक्षित रहती है और आप उसे जब चाहें, पात्रता के अनुसार निकाल सकते हैं। यानी पैसा खत्म नहीं होता, बस उसका बढ़ना बंद हो जाता है।

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निकासी और टैक्स का असर

अगर आप दो महीने से ज़्यादा समय तक बेरोज़गार रहते हैं, तो आप अपना EPF निकाल सकते हैं। लेकिन अगर आपने पांच साल की लगातार नौकरी पूरी नहीं की है, तो EPF निकालने पर टैक्स देना पड़ता है। कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों के योगदान और उस पर मिले ब्याज को आपकी आय के अनुसार टैक्स के दायरे में लाया जाता है। वहीं, अगर आप पैसे को खाते में ही रहने देते हैं और वह ब्याज कमाता रहता है, तो उस पर टैक्स नहीं लगता।

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EPF ट्रांसफर करना

नौकरी बदलने पर अपना EPF खाता बंद करने या छोड़ने के बजाय उसे ट्रांसफर करना बेहतर होता है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की मदद से आप अपने सभी EPF खातों को जोड़ सकते हैं और बैलेंस आसानी से EPFO वेबसाइट के जरिए ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे आपकी सेवा की जानकारी एक जगह रहती है, टैक्स में राहत जारी रहती है और आपकी बचत लगातार बढ़ती रहती है।

EPF खाते को नजरअंदाज क्यों न करें?

EPF में योगदान न करना आपके दीर्घकालिक धन और रिटायरमेंट फंड को कमजोर कर सकता है। ब्याज और टैक्स में बचत न मिलने से आपका रिटायरमेंट कॉर्पस काफी कम हो सकता है। पुराना या भूला हुआ EPF खाता बाद में निकालना मुश्किल भी हो सकता है, अगर आपकी KYC या बैंक डिटेल्स अपडेट नहीं हैं।

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इसलिए समय-समय पर अपने EPF खाते की जानकारी अपडेट करें और अगर आपके कई खाते हैं, तो उन्हें जोड़कर एक करें। इससे आप वित्तीय अनुशासन में रहेंगे और अपनी रिटायरमेंट बचत को अधिकतम कर सकेंगे।

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