What is Family Pension: रिटायरमेंट के हर कोई चाहता है, वो और उसकी फैमिली को किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी न हो। इसलिए वक्त रहते ही ज्यादातर लोग पेंशन का भी इंतजाम कर लेते हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी वो अपने परिवार के साथ हंसी-खुशी रह सके। पेंशन की इस कड़ी में आज हम आपको फैमिली पेंशन के बारे में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं क्या होती है फैमिली पेंशन और ये कैसे आपके परिवार की मदद करती है।
क्या होती है फैमिली पेंशन?
फैमिली पेंशन भी पेंशन की एक स्कीम है, जिसमें अगर पति की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी पेंशन उसकी पत्नी को ट्रांसफर हो जाती है। ऐसा इसलिए होती है, क्योंकि उसने अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाया था। इस स्कीम में अगर पति की मौत 60 साल के बाद होती है, तो पत्नी को पति की आधी पेंशन दी जाएगी। वहीं अगर पति की मौत 60 साल से पहले होती है, तो पत्नी को पूरी पेंशन मिलती है।
अगर पत्नी नहीं है तो किसे मिलेगी पेंशन
अगर पेंशन पाने वाले शख्स की मौत हो जाती है और उसकी कोई पत्नी नहीं है, तो पेंशन उनके बच्चों को मिलती है। हालांकि नियमों के अनुसार बच्चों की उम्र 25 साल से कम होनी चाहिए। EPFO के अनुसार अगर पेंशन पाने वाले शख्स के दो बच्चे हैं, तो उसके निधन के बाद पेंशन को आधा-आधा बांटकर बच्चों को दिया जाएगा। इसके अलावा अगर किसी पेंशनभोगी के बच्चे शारीरिक तौर पर ठीक नहीं है, तो उन्हें पूरी जिंदगीभर 75 प्रतिशत पेंशन दी जाएगी।
दो पत्नियां हैं तो किसे मिलेगी पेंशन?
अगर परिवार में एक से ज्यादा पत्नियां हैं, तो फैमिली पेंशन का अधिकार केवल उस पत्नी को मिलेगा जिसकी शादी कानूनी रूप से वैध है और जिसे नॉमिनी के रूप में नामित किया गया है। सरकारी नियमों के अनुसार, पेंशन उसी जीवनसाथी को दी जाती है जो वैध विवाह में है और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।