हाई रिटर्न के साथ जरूरत पर मिल जाएं पैसे, निवेश की यह लैडरिंग स्ट्रैटिजी समझ लीजिए

लैडरिंग स्ट्रैटिजी निवेशकों को विशेष अवधि जमा योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने में मदद कर सकती है, जिससे उन्हें हाई रिटर्न प्राप्त करने और तरलता बनाए रखने का अवसर मिलता है। यह निवेश का एक समझदारी भरा नजरिया है जो ब्याज दरों में लगातार बदलाव के अनुकूल वित्तीय स्थिरता और विकास को बढ़ावा दे सकता है।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड9 Nov 2025, 12:37 PM IST
ज्यादा ब्याज पाने के लिए इस रणनीति से जमा करें पैसे
ज्यादा ब्याज पाने के लिए इस रणनीति से जमा करें पैसे

Laddering Strategy of Investment: सभी बैंक निश्चित अवधि के लिए विशेष जमा योजनाएं चला रही हैं। बैंक इन विशिष्ट अवधि जमा योजनाओं के लिए ब्याज की उच्च दरें भी ऑफर कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में निवेशकों को हाई रिटर्न का फायदा उठाना चाहिए। इसके लिए 'सीढ़ीकरण' (Laddering) स्ट्रैटिजी बहुत जरूरी है। यह रणनीति निवेशकों को बढ़ती ब्याज दरों का लाभ उठाने और साथ ही जरूरत के वक्त पैसा उपलब्ध रखने में मदद कर सकती है।

विशेष अवधि की जमा योजनाओं का बढ़ता आकर्षण

बैंक अभी विभिन्न अवधियों के लिए आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 'अमृत वृष्टि विशेष जमा योजना' 444 दिनों के लिए 6.6% की दर से ब्याज दे रही है। इसकी तुलना में, एक साल की जमा पर 6.25%, तीन साल की जमा पर 6.30% और पांच साल की जमा पर 6.05% ब्याज मिल रहा है। छोटे वित्त बैंक (SFB) निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में अधिक दरें दे रहे हैं, जिसमें 'सूर्योदय स्मॉल फाइनैंस बैंक' 5 साल की अवधि के लिए 8.05% की उच्चतम दर से ब्याज दे रहा है।

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लैडरिंग कैसे काम करता है?

लैडरिंग एक इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजी है जिसमें निवेशक अपनी जमा राशि को विभिन्न बैंकों और विभिन्न मैच्युरिटी पीरियड फैलाते हैं। इसे उन्हें नियमित अंतराल पर पैसे मिलते रहते हैं और ऊंचे दर की ब्याज भी मिल जाती है।

लैडरिंग स्ट्रैटिजी के फायदे जान लीजिए

हाई रिटर्न: निवेशक उन विशेष अवधि जमाओं में निवेश कर सकते हैं जो उच्चतम ब्याज दरें ऑफर करती हैं, जिससे उनके कुल रिटर्न बढ़ जाता है।

जरूरत पर पैसे की उपलब्धता: जमा राशि को विभिन्न परिपक्वता अवधियों में फैलाने से यह सुनिश्चित होता है कि निवेशक को नियमित अंतराल पर धन उपलब्ध होता रहे, जिससे अचानक जरूरत पड़ने पर पैसे की कमी नहीं हो।

बढ़ती ब्याज दरों का लाभ: यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक मैच्योर हो चुकी जमा राशि को ज्यादा ब्याज वाली योजना में दोबारा निवेश कर सकते हैं।

घटती ब्याज दरों के नुकसान से सुरक्षा: यदि ब्याज दरें घटती हैं, तो कुल जमा राशि का एक हिस्सा ही प्रभावित होता है, क्योंकि लंबी अवधि की जमाओं को पहले ही उच्च दरों पर लॉक कर दिया गया था।

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जमा रकम पर ज्यादा ब्याज पाने के टिप्स

पैसे की जरूरतों का करें आकलन: जमा में निवेश करने से पहले इस बात पर अच्छे से विचार करें कि आपको कब-कब पैसे की जरूरत पड़ने वाली है। यह इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि स्पेशल स्कीम्स में समय से पहले निकासी की अनुमति नहीं होती है।

एक बैंक में नहीं करें निवेश: अपने जोखिम को कम करने और विभिन्न बैंकों की सबसे ज्यादा ब्याज दरों का लाभ उठाने के लिए अपनी जमा राशि को कई बैंकों में फैलाएं।

दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप लें निर्णय: पूर्वनिर्धारित अवधि की योजनाओं में निवेश से निवेशकों को उनके अल्पकालिक से मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप और लंबी अवधि में उच्च परिपक्वता राशि प्राप्त करने में मदद मिलती है।

ब्याज दरों में बदलाव पर रखें नजर: ब्याज दरों में बदलाव पर नजर रखें ताकि आप अपनी निवेश रणनीति को उसी के अनुसार समायोजित कर सकें।

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