
आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा जारी किया गया एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र है, जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) बनाता है। इसमें 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो हर व्यक्ति के लिए अलग होता है। आधार कार्ड में व्यक्ति का नाम, पता, जन्म तिथि, लिंग और फोटो जैसी जानकारी होती है। यह पहचान और पते के प्रमाण के रूप में पूरे देश में मान्य है।
बैंक खाता खोलने, सिम कार्ड लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और कई अन्य सेवाओं में आधार की जरूरत पड़ती है। यह पहचान प्रक्रिया को आसान, तेज और सुरक्षित बनाता है। मगर आजकल पेपरलेस आधार का चलन काफी बढ़ गया है, लेकिन बहुत से लोग इसके बारे में नहीं जानते। इसलिए इस आर्टिकल में विस्तार से पेपरलेस आर्टिकल के बारे में बताया गया है।
पेपरलेस आधार, जिसे आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी भी कहा जाता है, एक सुरक्षित और डिजिटल साइन किया हुआ दस्तावेज है। इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जारी करता है। इसकी मदद से आधार धारक बिना अपना आधार नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी (जैसे फिंगरप्रिंट या आईरिस) साझा किए अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं। यह तरीका उपयोगकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं दोनों के लिए आसान और सुरक्षित है।
यह एक सुरक्षित साझा करने योग्य दस्तावेज़ है, जिसे कोई भी आधार नंबर धारक ऑफलाइन पहचान सत्यापन के लिए उपयोग कर सकता है। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए आधार धारक को UIDAI की वेबसाइट पर जाकर डिजिटल साइन किया हुआ ऑफलाइन XML फ़ाइल जनरेट करनी होती है। इस ऑफलाइन XML फ़ाइल में निम्न जानकारी होती है:
इस सुविधा से सेवा प्रदाता या ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) बिना आधार नंबर को संग्रहित किए पहचान सत्यापित कर सकते हैं।
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