
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में ई-आधार ऐप नाम से एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है, जो एंड्रॉयड और आईओएस दोनों फोन के लिए उपलब्ध है। यह नया ऐप पुराने एम-आधार ऐप की तुलना में कई नई और बेहतर सुविधाओं के साथ आया है।
सरकार ने इस ऐप को इस उद्देश्य से बनाया है कि लोग अपने आधिकारिक कामों को आसानी से कर सकें और दस्तावेज़ों की जांच-पड़ताल को और अधिक सरल, सुरक्षित और पेपरलेस बना सकें।
हालांकि, इस नए ऐप के लॉन्च के बाद लोगों में यह भ्रम फैल गया है कि आखिर ई-आधार ऐप और एम-आधार ऐप में क्या अंतर है और दोनों का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता है। चलिए, इसे विस्तार से समझते हैं।
यूआईडीएआई ने अपने एक्स हैंडल पर इस नए ऐप के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह एक स्मार्ट, सिक्योर और पेपरलेस ऐप है। लेकिन जरूरी बात यह है कि यह नया ऐप पुराने एम-आधार ऐप की जगह नहीं लेगा।
दोनों ऐप अपने-अपने अलग उद्देश्यों के लिए बनाए गए हैं। एम-आधार ऐप को पहले एक मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया था, जबकि नया ई-आधार ऐप डिजिटल पहचान के सुरक्षित और व्यापक उपयोग को बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया है।
एम-आधार ऐप यूआईडीएआई द्वारा लॉन्च किया गया पहला मोबाइल एप्लिकेशन था, जिसमें आधार से जुड़ी कई सुविधाएं दी गई थीं। इस ऐप के जरिए आप अपने आधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
जैसे आप अपने आधार कार्ड की पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं, एक विशेष पहचान संख्या जिसे वर्चुअल आईडी कहते हैं, बना सकते हैं, और अपने आधार कार्ड को लॉक या अनलॉक भी कर सकते हैं। इसके अलावा, जब भी जरूरी हो, आप अपने व्यक्तिगत विवरण को अपडेट भी कर सकते हैं।
ई-आधार ऐप में कई नई और उन्नत सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों को बढ़ाती हैं। इस ऐप की मदद से उपयोगकर्ता अब एक ही मोबाइल नंबर के ज़रिए पांच तक आधार प्रोफाइल जोड़ सकते हैं। यानी परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड एक ही ऐप में लिंक किए जा सकते हैं।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए इसमें फेस ऑथेंटिकेशन जोड़ी गई है, जिससे आपकी पहचान की पुष्टि आसानी से की जा सकती है। इसके अलावा, यह ऐप क्यूआर कोड के जरिए आपकी डिजिटल पहचान साझा करने की सुविधा भी देता है। इससे आप बिना किसी कागज के, केवल एक स्कैन के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं जिससे प्रक्रिया तेज़, सुरक्षित और पूरी तरह पेपरलेस बन जाती है।
एम-आधार ऐप आधार से जुड़ी सेवाओं के प्रबंधन के लिए बनाया गया था, जबकि ई-आधार ऐप डिजिटल पहचान के सुरक्षित और व्यापक उपयोग के लिए एक नया कदम है। दोनों ऐप अपने-अपने मकसद से उपयोगी हैं और एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करेंगे।
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