ITR Refund Rule: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले करदाताओं का रिफंड आने लगा है। रिफंड को देखकर हर शख्स के चेहरे पर खुशी आ जाती है, लेकिन कभी-कभी करदाता के पास उम्मीद से ज्यादा रिफंड आ जाता है, तो वो कुछ ज्यादा ही खुश हो जाता है। हालांकि दावे से ज्यादा रिफंड आना कोई खुशी की बात नहीं है, क्योंकि बाद में आयकर विभाग उसे रिकवर कर सकता है।
ज्यादा रिफंड आने पर क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपका रिफंड ज्यादा आया है, तो सबसे पहले ITR की कॉपी, टैक्स क्रेडिट और 26AS/AIS की जानकारी चेक करें। जब तक आपको न लगे कि रिफंड सही है, तब तक उसमें से एक रुपये भी खर्च करना सही नहीं होगा।
मान लीजिए आपने ITR में ₹50,000 का रिफंड क्लेम किया था, लेकिन प्रोसेसिंग के बाद आपके खाते में ₹70,000 आ गए। ऐसी स्थिति में ₹20,000 के अंतर को तुरंत खर्च करने के बजाय पहले यह जांचना चाहिए कि अतिरिक्त रकम किस वजह से आई है।अगर बाद में विभाग उस रकम को गलत रिफंड मानकर डिमांड उठाता है, तो आपको उसे वापस चुकाना पड़ सकता है। इसलिए रिफंड ज्यादा मिले तो पहले जांच करें, फिर पैसा खर्च करें।
रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें?
इनकम टैक्स का रिफंड चेक करने का काफी आसान तरीका है। अगर आप नीचे दिए गए इन स्टेप को फॉलो करेंगे, तो रिफंड का पता कर पाएंगे।
कितने दिन में जारी होता है रिफंड?
आयकर विभाग आईटीआर फाइल करने के 7 दिन से लेकर 1 महीने तक के बीच में रिफंड जारी कर देता है। हालांकि कई बार रिफंड में बड़ा अमाउंट आना होता है। इसलिए उसे वेरिफाई करने में ज्यादा टाइम लग जाता है।