Economic Survey 2026: बजट वीक शुरू होते ही सबसे ज्यादा इंतजार जिस दस्तावेज का रहता है, वह है 'इकोनॉमिक सर्वे'। यह रिपोर्ट देश की अर्थव्यवस्था की सेहत बताती है और इशारों-इशारों में यह भी संकेत देती है कि आने वाले बजट में सरकार का फोकस किस दिशा में रहने वाला है। बजट से ठीक पहले पेश होने वाला यह सर्वे नीति निर्धारकों से लेकर आम लोगों तक, सभी के लिए बेहद अहम माना जाता है।
कब और कितने बजे पेश किया जाएगा इकोनॉमिक सर्वे 2026
मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. आनंद नागेश्वरन कल यानी 29 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों में इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगे। यह बजट सत्र का हिस्सा होगा, जिसकी शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संबोधन से हो चुकी है। खास बात यह है कि पहले यह सर्वे आमतौर पर 31 जनवरी को पेश होता था, लेकिन इस बार तारीख बदली गई है।
कहां देखें लाइव?
जो लोग संसद की कार्यवाही लाइव देखना चाहते हैं, वे संसद टीवी के यूट्यूब चैनल या दूरदर्शन पर इसका सीधा प्रसारण देख सकते हैं। इसके अलावा यूनियन बजट की आधिकारिक वेबसाइट-(indiabudget.gov.in, वित्त मंत्रालय और PIB के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लाइव स्ट्रीम उपलब्ध रहेगी। आप मिंट के साथ जुड़े रहकर इसके लाइव अपडेट्स भी पढ़ सकते हैं और लाइवमिंट के यूट्यूब चैनल पर लाइव कवरेज देख सकते हैं।
इकोनॉमिक सर्वे 2026 PDF कैसे डाउनलोड करें?
इकोनॉमिक सर्वे 2026 की पूरी रिपोर्ट PDF फॉर्मेट में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकेगी। इसके लिए indiabudget.gov.in/economicsurvey लिंक पर जाना होगा। ध्यान रखें, यह लिंक सर्वे पेश होने के बाद ही एक्टिव होगा।
बजट सत्र से जुड़ी अहम तारीखें
- बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संबोधन से हो चुकी है।
- 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश किया जाएगा।
- 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी।
- बजट सत्र का समापन 2 अप्रैल 2026 को होगा।
इकोनॉमिक सर्वे में क्या होता है खास?
इकोनॉमिक सर्वे दरअसल सरकार की सालाना रिपोर्ट होती है, जिसमें बीते वित्त वर्ष की आर्थिक स्थिति का पूरा लेखा-जोखा होता है। इसमें ग्रोथ रेट, महंगाई का अनुमान, रोजगार, व्यापार, फिस्कल हेल्थ और आने वाले साल की आर्थिक चुनौतियों व संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाती है।
क्यों जरूरी है इकोनॉमिक सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे न सिर्फ बजट की दिशा तय करता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर किन चुनौतियों को प्राथमिकता देने वाली है। निवेशक, उद्योग, नीति विशेषज्ञ और आम लोग, सभी के लिए यह दस्तावेज आने वाले फैसलों की झलक देता है।