शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ‘स्टेप-अप SIP’ जारी रखना क्यों है बेहतर फैसला? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या SIP चल रही है, तो मौजूदा हालात में यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बीते कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

Ashutosh Kumar
पब्लिश्ड31 Jan 2026, 06:36 PM IST
म्यूचुअल फंड निवेश
म्यूचुअल फंड निवेश

अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या SIP चल रही है, तो मौजूदा हालात में यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बीते कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव, अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति, टैरिफ बढ़ाने की घोषणाएं और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसका असर इक्विटी म्यूचुअल फंड पर भी दिखा है। दिसंबर 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में नेट इनफ्लो 6 पर्सेंट घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, एक दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान SIP निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

दिसंबर में 31002 करोड़ का निवेश

AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में SIP के जरिए 31,002 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लेकिन चिंता की बात यह है कि SIP स्टॉपेज रेशियो 85 पर्सेंट तक पहुंच गया। यानी हर 100 नई SIP के मुकाबले 85 SIP या तो बंद हो गईं या उनकी अवधि पूरी हो गई। कुल 51.57 लाख SIP बंद या पूरी हुईं, जबकि 60.46 लाख नई SIP रजिस्टर हुईं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाजार में गिरावट या डर के माहौल में कई निवेशक घबराकर SIP बंद कर देते हैं, जो लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकता है।

किसमें है समझदारी

विशेषज्ञों का कहना है कि गिरते या अस्थिर बाजार में SIP बंद करना सबसे बड़ी गलती होती है। एनडीटीवी प्रोफिट में छपी एक खबर के अनुसार, इससे कंपाउंडिंग की रफ्तार रुक जाती है। 2008 की वैश्विक मंदी या कोविड के दौरान जिन निवेशकों ने SIP बंद की थी, वे बाद की तेजी का फायदा नहीं उठा पाए। अगर आर्थिक परेशानी, नौकरी जाने या मेडिकल इमरजेंसी जैसी मजबूरी हो, तो SIP को अस्थायी रूप से ‘पॉज’ करना समझदारी है, लेकिन पूरी तरह बंद करना नहीं। दरअसल, गिरते बाजार में SIP ज्यादा यूनिट्स कम कीमत पर दिलाती है, जिससे भविष्य में रिटर्न बेहतर हो सकता है।

क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह

यही वजह है कि एक्सपर्ट्स इस समय SIP को जारी रखने और संभव हो तो ‘स्टेप-अप SIP’ अपनाने की सलाह दे रहे हैं। स्टेप-अप SIP में हर साल SIP की रकम 5-10 पर्सेंट या तय राशि से बढ़ाई जाती है। मान लीजिए आप 10 साल तक 10,000 रुपये की SIP करते हैं और 12 फीसदी रिटर्न मिलता है, तो बिना स्टेप-अप करीब 23 लाख रुपये का कॉर्पस बनता है। लेकिन अगर हर साल SIP में सिर्फ 5 पर्सेंट की बढ़ोतरी करें, तो कॉर्पस करीब 20 पर्सेंट ज्यादा हो सकता है।

डिस्क्लेमर: निवेश से जुड़ी यह जानकारी सिर्फ सूचना के उद्देश्य से दी जा रही है। इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। म्यूचुअल फंड में निवेश हमेशा जोखिम भरा होता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले अपनी पूरी जांच-पड़ताल करें। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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