बैंक ज्यादा से ज्यादा क्रेडिट कार्ड क्यों देते हैं? आखिर कैसे होती है कमाई, यहां जानिए पूरी डिटेल

Credit Card: आमतौर पर बैंक ज्यादा से ज्यादा क्रेडिट कार्ड की बिक्री करते हैं। आजकल के इस अर्थयुग में बहुत से लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी करते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर बैंक क्रेडिट कार्ड देने के पीछे क्यों पड़ जाते हैं और बैंकों की क्रेडिट कार्ड से कैसे कमाई होती है।

Jitendra Singh
अपडेटेड22 Dec 2025, 02:44 PM IST
Credit Card:  क्रेडिट कार्ड बैंकों के लिए इनकम का एक स्टेबल सोर्स है।
Credit Card: क्रेडिट कार्ड बैंकों के लिए इनकम का एक स्टेबल सोर्स है।

Credit Card: आजकल लोगों में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कार्ड से भुगतान करने पर आपको कई ऑफर, डिस्काउंट और रिवॉर्ड पॉइंट मिलते हैं, लेकिन इसके फायदे तभी मिलेंगे जब आप इसका सही ढंग से इस्तेमाल करें। वैसे भी मॉल में या शॉपिंग सेंटर में आपको लोग क्रेडिट कार्ड के लिए अप्रोच करते हुए दिख जाएंगे। इसके अलावा, फोन पर भी समय-समय पर क्रेडिट कार्ड के लिए कॉल आता रहता है। आखिर क्यों क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक ग्राहकों से संपर्क करता है, क्यों लोगों को अकसर क्रेडिट कार्ड के फायदे गिनाकर इसके लिए अप्लाई करने के लिए कहा जाता है? आखिर इससे बैंक को क्या फायदा है?

दरअसल, हर साल क्रेडिट कार्ड यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह बैंकों के लिए रेवेन्यू का एक बहुत ही ज़रूरी सोर्स बन गया है। इसलिए क्रेडिट कार्ड जारी करना बैंक के लिए उतना ही फायदेमंद है जितना कि कार्ड यूज़र के लिए। क्रेडिट कार्ड से बैंकों के लिए रेवेन्यू के मुख्य सोर्स में मर्चेंट फीस, इंटरेस्ट अमाउंट, मार्केटिंग-टाई अप फीस और दूसरे तरह के चार्ज शामिल रहते हैं।

क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट रेट

क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट या फाइनेंस चार्ज वे फीस हैं जो बैंक पैसे उधार देने के लिए लेते हैं। इन्हें एनुअल परसेंटेज रेट (APR) के नाम से भी जाना जाता है और इन्हें उधार लिए गए कुल पैसे के परसेंटेज के रूप में कैलकुलेट किया जाता है।

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तेजी से बढ़ रहा क्रेडिट कार्ड बिजनेस

भारत में क्रेडिट कार्ड का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस पर बैंक की तरफ से तरह-तरह के ऑफर्स भी दिए जाते हैं।क्रेडिट कार्ड का मतलब है यूजर इसके जरिए मार्केट में कहीं से भी कोई भी चीज क्रेडिट पर ले सकता है। पेमेंट के लिए लगभग 45 दिन का समय मिलता है। समय पर पेमेंट करने पर कैशबैक और रिवॉर्ड भी मिलते हैं। इससे यूजर को तो फायदा पहुंचता ही, लेकिन बैंक भी मुनाफे में रहता है।

क्रेडिट कार्ड से बैंकों की कैसे होती है कमाई

क्रेडिट कार्ड बैंकों के लिए एक बिजनेस मॉडल की तरह है। इससे इंटरेस्ट रेट और दूसरे चार्ज से प्रॉफिट कमाई होती है। कई बार समय पर इंटरेस्ट नहीं चुकाने पर बकाए पेमेंट पर 15-40 फीसदी तक इंटरेस्ट वसूला जाता है। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड एनुअल रिन्यूअल फीस, लेट पेमेंट फीस, इंटरचेंज फीस, कैश एडवांस फीस, बैलेंस ट्रांसफर फीस, EMI कन्वर्जन फीस के नाम भी बैंक की क्रेडिट कार्ड से अच्छी-खासी कमाई हो जाती है। यही वजह है कि बैंक कस्टमर्स की संख्या बढ़ाने और कन्ज्यूमर एक्सपेंस को बढ़ाने पर जोर देते हैं।

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जानिए क्रेडिट कार्ड क्या है

क्रेडिट कार्ड एक प्लास्टिक कार्ड होता है, जो डेबिट कार्ड (ATM कार्ड) की तरह ही होता है। डेबिट कार्ड के जरिए हम अपने बैंक खाते की राशि निकाल सकते हैं। वहीं, क्रेडिट कार्ड के जरिए हम बैंक या NBFC से उधार लेकर शॉपिंग कर सकते हैं। हर महीने क्रेडिट कार्ड के खर्चों का बिल मिलता है, जिसका भुगतान एक निश्चित तारीख तक करना होता है। यदि भुगतान नहीं किया जाता है, तो बची हुई राशि पर ब्याज देना पड़ता है।

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