साल 2025 खत्म होने में अब महज कुछ समय बचा है। इस ससाल भारत में पेमेंट का तरीका बहुत तेजी से बदला। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने न सिर्फ कैश की जगह ली है, बल्कि अब यह डेबिट और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को भी बदल रहा है।
इस साल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा सवाल है कि क्या UPI डेबिट कार्ड को खत्म कर रहा है? तो चलिए जानते हैं कि आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है और क्या सही में आने वाले समय में UPI डेबिट कार्ड की जगह ले लेंगे
भारत का पेमेंट पॉवरहाउस है UPI
- लेनदेन की मात्रा: केवल जून 2025 में UPI ने 18.4 अरब लेनदेन किए यानी रोज़ाना लगभग 613 मिलियन ट्रांज़ैक्शन।
- मूल्य: इस महीने में कुल UPI ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू ₹24 ट्रिलियन (करीब 294 बिलियन डॉलर) से अधिक रही।
- बढ़ता वर्चस्व: भारत में कुल डिजिटल रिटेल पेमेंट्स का लगभग 80 फीसदी हिस्सा अब UPI के जरिए होता है (2023 में यह 73 फीसदी था)।
- तेज़ी से बढ़त: साल 2025 में UPI ट्रांज़ैक्शन की संख्या में 36 फीसदी सालाना वृद्धि हुई, जबकि मूल्य में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
डेबिट कार्ड का कम होता इस्तेमाल
- तेज़ी से गिरावट: भारत में डेबिट कार्ड स्वाइप्स जुलाई 2022 में 312 मिलियन थे, जो जुलाई 2024 में घटकर सिर्फ 144 मिलियन रह गए यानी दो साल में 50% से ज़्यादा की कमी।
- कुल ट्रेंड: FY2024 में डेबिट कार्ड ट्रांज़ैक्शन की संख्या 33 फीसदी घट गई और खर्च में 18 फीसदी की गिरावट आई।
डेबिट कार्ड क्यों घट रहे हैं?
- UPI ने छोटे और मझोले पेमेंट्स (P2P और P2M) के लिए डेबिट कार्ड की जगह ले ली है।
- डेबिट कार्ड पर रिवॉर्ड्स या कैशबैक कम मिलते हैं, जबकि क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा फायदे हैं।
- अब UPI ATM से कार्डलेस कैश निकासी भी संभव है, इसलिए कार्ड की जरूरत घट गई है।
- बैंकों के लिए डेबिट कार्ड जारी करने और संभालने की लागत भी बच रही है।
एक बड़ा बदलाव है UPI क्रेडिट कार्ड का लिंक होना
- नई सुविधा: अब RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक किया जा सकता है। यानी आप QR कोड स्कैन करके क्रेडिट कार्ड से भी पेमेंट कर सकते हैं बिल्कुल डेबिट कार्ड की तरह।
- तेज़ी से बढ़त: FY25 के पहले 7 महीनों में UPI क्रेडिट कार्ड ट्रांज़ैक्शन दोगुने हो गए, जिनकी वैल्यू ₹638 बिलियन ($7.4 बिलियन) तक पहुंची।
- अब RuPay भारत में जारी होने वाले हर दो में से एक नए क्रेडिट कार्ड को पावर कर रहा है।
मार्केट में बदलाव
- क्रेडिट कार्ड का डिजिटल पेमेंट्स में हिस्सा 2018 में 43 फीसदी से घटकर 2024 में 21 फीसदी रह गया, इसका कारण UPI की बढ़ती लोकप्रियता है।
- डेबिट कार्ड की संख्या अब लगभग स्थिर या घटती जा रही है, जबकि UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
- लोग अब रिवॉर्ड्स और “Buy Now, Pay Later” जैसी सुविधाओं के कारण क्रेडिट कार्ड को पसंद कर रहे हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल UPI-QR पेमेंट्स में हो रहा है, कार्ड स्वाइप्स में नहीं।
क्यों UPI आगे निकल रहा है?
- सुविधा: कोई कार्ड नहीं चाहिए सिर्फ मोबाइल और ऐप।
- हर जगह किया जा रहा एक्सेप्ट: छोटे दुकानदार से लेकर ई-कॉमर्स तक, हर जगह UPI चलता है।
- कम खर्च: व्यापारियों के लिए कोई या बहुत कम शुल्क (MDR) लगता है।
- इनोवेशन:
*UPI Lite (छोटे पेमेंट्स के लिए)
*UPI क्रेडिट कार्ड लिंकिंग
*कार्डलेस ATM जैसी सुविधाएं
क्या डेबिट कार्ड अब खत्म हो जाएंगे?
पूरी तरह नहीं। अभी भी ATM से पैसे निकालने और कुछ ऑनलाइन पेमेंट्स के लिए इनका उपयोग होता है। लेकिन रोज़मर्रा के भुगतानों में UPI की पकड़ इतनी मजबूत हो चुकी है कि आने वाले सालों में डेबिट कार्ड का इस्तेमाल और घटेगा। वहीं, क्रेडिट कार्ड अब UPI के साथ मिलकर खुद को नए रूप में ढाल रहे हैं खासकर RuPay-UPI कार्ड्स जो ‘कार्ड’ और ‘डिजिटल पेमेंट’ के बीच की दीवार को मिटा रहे हैं।