
CIBIL vs CRIF vs Experian: कभी लोन अप्लाई किया हो या अपना क्रेडिट रिपोर्ट निकाला हो, तो आपने नोटिस किया होगा, कहीं CIBIL अलग स्कोर दिखा रहा होता है, तो कहीं Experian और CRIF थोड़े अलग नंबर दे देते हैं। ऐसे में मन में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर सही स्कोर है कौन सा? चलिए समझते हैं CIBIL, CRIF और Experian के स्कोर्स के क्या हैं मायने।
भारत में तीन बड़े क्रेडिट ब्यूरो हैं- CIBIL, CRIF और Experian। ये सभी आपके बैंक, NBFC और फिनटेक से डेटा लेकर 300 से 900 के बीच स्कोर बनाते हैं। बात बस इतनी सी है कि तीनों का फॉर्मूला थोड़ा अलग होता है, इसलिए नंबर थोड़ा ऊपर-नीचे दिख जाते हैं। इसलिए अगर आपका CIBIL 780 और Experian 765 दिखा रहा है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं। दोनों अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री ही बता रहे हैं, फर्क बस कैलकुलेशन के फॉर्मूले का है।
CIBIL सबसे पुराना है, साल 2000 से काम कर रहा है। इसके पास सबसे बड़ा कंज्यूमर डेटाबेस और सालों का हिस्टोरिकल डेटा है। इसी वजह से पारंपरिक बैंक इसे सबसे भरोसेमंद मानते हैं। हालांकि अब लोन लेने वालों में फ्रीलांसर, छोटे शहरों के उद्यमी और नए क्रेडिट यूजर्स भी शामिल हैं, जिन्हें समझने के लिए नए मॉडल की जरूरत है।
CRIF High Mark माइक्रोफाइनेंस और छोटे कारोबार वाले सेक्टर में काफी मजबूत डेटा रखता है। Experian ग्लोबल एनालिटिक्स और लोगों के खर्च, कर्ज और पेमेंट पैटर्न पर ज्यादा फोकस करता है। PayMe के CEO महेश शुक्ला बताते हैं, “हम तीनों ब्यूरो के इनसाइट्स देखते हैं, लेकिन मुख्य रूप से TransUnion CIBIL को स्कोर के लिए इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि ये सबसे भरोसेमंद और गहरा डेटा देता है।”
चाहे बैंक CIBIL देखे, CRIF या Experian आपका फोकस सिर्फ इन बातों पर होना चाहिए:
– समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरें
– क्रेडिट उपयोग 40% से नीचे रखें
– एक साथ कई लोन न अप्लाई करें
– रिपोर्ट में गलती दिखे तो तुरंत ठीक करवाएं
अच्छी आदतें तीनों स्कोर सुधार देती हैं।
क्रेडिट स्कोर अलग‑अलग ब्यूरो से आते हैं, लेकिन असली भरोसा आपकी फाइनेंशियल डिसिप्लिन पर होता है। लगातार जिम्मेदारी से पैसे मैनेज करना ही वह चीज़ है जो हर बैंक को आपके पक्ष में खड़ा करती है।
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