
Personal Loan Myths In India: पर्सनल लोन लेने से पहले कई तरह के सवाल मन आते हैं कि क्या पर्सनल लोन से क्रेडिट स्कोर खराब होता है और पहले लोन के ऊपर दूसरा लोन नहीं मिलता है। अगर आप भी ऐसे सोचते हैं, तो आप गलत हैं। आज हम आपको पर्सनल लोन से जुड़े कुछ मिथक के बारे में बताने वाले हैं। आइए जानते उन 5 भ्रम के बारे में, जो लोगों के दिमाग में घर कर गए हैं।
आजकल लोगों के मन में सबसे बड़ा डर क्रेडिट स्कोर कम होने का है। कुछ लोगों को लगता है कि पर्सनल लोन लेने से उनका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। हालांकि ऐसा कुछ नहीं होता है, अगर आप लोन की EMI वक्त पर चुकाते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ता है।
कुछ लोगों का लगता है कि पर्सनल लोन लेना मतलब हाथी खरीदने जैसा है। हालांकि ऐसा अब बिल्कुल भी नहीं है। आज बैंक और NBFC ऑनलाइन लोन दे देते हैं। अब तो लोन के लिए ज्यादा दस्तावेजों की भी जरूरत नहीं होता है।इसके लिए बस आपको क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए।
अगर आप सोचते हैं कि पर्सनल लोन केवल सैलरी वालों के लिए होता है, तो ऐसा नहीं है। पर्सनल लोन के लिए फ्रीलांसर, बिजनेसमैन भी अप्लाई कर सकते हैं। पर्सनल लोन आपको तब मिलता है, जब उसे चुकाने में सक्षम होते हैं।
कुछ लोगों का ये भी मानना है कि पर्सनल लोन का पैसा बैंक में आने में काफी वक्त लगता है। पहले ऐसा ही होता था लेकिन अब बैंक प्रणाली डिजिटल होने से ऐसा संभव नहीं है। अब पर्सनल लोन 24 घंटे में मिल जाता है। कुछ वेंडर तो मिनटों में पैसा बैंक में ट्रांसफर कर देते हैं।
पर्सनल लोन को लेकर ये मिथ भी सबसे ज्यादा है कि एक लोन के ऊपर दूसरा लोन नहीं मिलता है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो ये आपका भ्रम है। अगर आप एक से अधिक लोन चुकाने में सक्षम हैं तो लेंडर आपको लोन दे देगा।
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