Child Trafficking Case: बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे 163 मासूम, कटनी में पुलिस ने तस्करों को दबोचा, दर्ज हुई FIR

Child trafficking case: मध्य प्रदेश में ट्रेन से ले जाए जा रहे कई बच्चों को बचाया गया है। इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित केंद्रों में रखा गया है।

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड12 Apr 2026, 03:23 PM IST
बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिगों को मप्र के कटनी में बचाया गया (सांकेतिक तस्वीर)
बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिगों को मप्र के कटनी में बचाया गया (सांकेतिक तस्वीर)(AI)

Child Trafficking: मध्य प्रदेश के कटनी से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवानों ने मिलकर एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 163 मासूम बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ा लिया है। ये बच्चे बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की मुस्तैदी ने इन बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल में फंसने से बचा लिया।

कैसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन?

आरपीएफ कटनी के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें एक गुप्त सूचना मिली थी कि पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा है। जैसे ही रात 8:30 बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर रुकी, पुलिस ने चेकिंग शुरू की। वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, ये बच्चे बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे। जब बच्चों के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, तो उनके पास न तो टिकट थे और न ही बच्चों को ले जाने के कोई कानूनी कागजात।

8 तस्कर गिरफ्तार, दर्ज हुई कड़ी FIR

पुलिस ने इस मामले में बिहार के अलग-अलग जिलों के 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जीआरपी ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा 18 साल से कम उम्र के बच्चों की तस्करी से जुड़ी है। आपको बता दें कि इस कानून में कम से कम 10 साल की सजा और उम्रकैद तक का प्रावधान है।

6 से 13 के बीच है बचाए गए बच्चों की उम्र

बचाए गए सभी बच्चों की उम्र 6 से 13 साल के बीच है। बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी ने जानकारी दी कि इन बच्चों को फिलहाल कटनी और जबलपुर की बाल संरक्षण यूनिट्स में रखा गया है। मनीष तिवारी ने बताया कि पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए बच्चों की काउंसलिंग शुरू कर दी है और उनके माता-पिता का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन बच्चों को मजदूरी कराने के मकसद से ले जाया जा रहा था।

कटनी रेलवे स्टेशन, जो कि जबलपुर डिवीजन का एक बड़ा जंक्शन है, वहां बाल कल्याण समिति और पुलिस की इस चौकसी ने 163 घरों के चिरागों को सुरक्षित कर लिया।

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