
Protest in Iran: भारत के पड़ोसी देश ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। बदलहाल अर्थव्यवस्था से आम लोगों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आम जनता सड़कों पर उतर आई है। सरकार के खिलाफ आम नागरिकों का यह प्रदर्शन गुरुवार को अलग-अलग प्रांतों में भी फैल गए। आक्रोशित जनता पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने सख्ती की कई जगहों पर झड़प हो गई और कम से कम सात लोग मारे गए।
ये सभी मौतें चार अलग-अलग शहरों में हुई जिनमें बुधवार को दो और गुरुवार को पांच लोगों की मौतें शामिल हैं। इन चारों शहरों में लूर जातीय समुदाय की बहुलता है। प्रदर्शन में आधे दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि देश की सरकार प्रदर्शन को सख्ती से कुचलना चाहती है, लेकिन प्रदर्शनकारी भी अड़े हुए हैं। राजधानी तेहरान में प्रदर्शन भले ही धीमे पड़ गए हों, लेकिन अन्य जगहों पर इनमें तेजी आई है।
अर्थव्यवस्था को लेकर सबसे अधिक हिंसा ईरान के लोरेस्टान प्रांत के अजना शहर में देखी गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वहां सड़कों पर जलती हुई वस्तुएं दिखाई दे रही हैं साथ ही गोलियों की आवाजें गूंजती हैं जबकि लोग 'बेशर्म! बेशर्म!' चिल्ला रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन 2022 के बाद से ईरान के सबसे बड़े प्रदर्शन के रूप में उभरा है। वर्ष 2022 में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद देशभर में प्रदर्शन हुए थे।
अर्धसरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने तीन लोगों के मारे जाने की खबर दी। सुधार समर्थक मीडिया संस्थानों सहित अन्य मीडिया ने फार्स के हवाले से ही घटनाओं का जिक्र किया है।
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