Nirav Modi News: नीरव मोदी को एक और झटका, लंदन हाई कोर्ट ने खारिज की एक और याचिका

लंदन हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे उसे बैंक ऑफ इंडिया के मामले में मुकदमे में देरी नहीं मिलेगी। जज ने कहा कि नीरव मोदी को समान अवसर मिलेगा और उसे महत्वपूर्ण क्षति का खतरा नहीं है।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड7 Feb 2026, 12:03 AM IST
नीरव मोदी।
नीरव मोदी।

लंदन हाई कोर्ट ने लोन के बहाने बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) को चूना लगाने के मामले में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को तगड़ा झटका दिया है। ब्रिटिश कोर्ट के जज ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि नीरव मोदी मुकदमे को लटकाए रखना चाहता है, इस कारण उसने याचिका डाली है। यह कहते हुए जज ने नीरव मोदी की याचिका खारिज कर दी।

वीडियो लिंक से कोर्ट में हाजिर हुआ नीरव मोदी

नीरव मोदी ने अपनी याचिका में दृष्टिहीनता, ​​अवसाद और जेल की बाध्यताओं के कारण अपने मुकदमे को स्थगित करने का अनुरोध किया था। 54 वर्षीय भगोड़ा कारोबारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में भारत प्रत्यर्पित किए जाने का विरोध कर रहा है। वह उत्तरी लंदन की एचएमपी पेंटनविले जेल से वीडियोलिंक के माध्यम से करीब 7 हजार करोड़ रुपये के बैंक ऑफ इंडिया के अलग मामले में मुकदमे से पहले की समीक्षा प्रक्रिया के लिए पेश हुआ।

जज ने कहा- यह मुकदमा लटकाए रखने की जुगत

लंदन हाई कोर्ट के जज जस्टिस साइमन टिंकलर ने कहा कि कैदी को किसी भी प्रकार की 'महत्वपूर्ण क्षति' का खतरा नहीं है और 23 मार्च से शुरू होने वाले आठ दिवसीय मुकदमे के लिए उसे 'समान अवसर' प्राप्त होगा। जस्टिस टिंकलर ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, मैं इस याचिका को नीरव मोदी द्वारा देरी करने के पैटर्न का हिस्सा मानता हूं।'

नीरव मोदी के वकील ने दी यह दलील

स्थगन याचिका के लिए नीरव की ओर से पेश हुए बैरिस्टर जेम्स किनमैन ने दावा किया कि उसके मुवक्किल को पूर्वग्रह का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर में दक्षिण लंदन के एचएमपी थेम्साइड जेल से ट्रांसफर होने के बाद से उसे अदालती दस्तावेजों तक पहुंच प्राप्त करने में लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। बैंक ऑफ इंडिया के बैरिस्टर टॉम बेस्ली ने शुक्रवार की सुनवाई से ठीक पहले अंतिम क्षण में दी गई याचिका पर आपत्ति जताई।

60 पर्सेंट अंधा हो गया है नीरव मोदी?

वकील ने बताया कि नीरव मोदी 60 प्रतिशत दृष्टिहीन हो चुका है, साथ ही वह नैदानिक ​​अवसाद से ग्रसित है, जिसके कारण वह लंबे समय तक ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है। वकील ने कहा कि नीरव मोदी को हाल तक एक ऐसे कैदी के साथ जेल की कोठरी साझा करने के लिए मजबूर होना पड़ा जो दोपहर तक सोता रहता था। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि नीरव मोदी को जेल के शिक्षा विभाग में रखा गया है, जहां वह अपनी नवीनतम प्रत्यर्पण अपील की तैयारी में व्यस्त है, जिसकी सुनवाई मार्च में होने की संभावना है।

कई बैंकों को चूना लगाकर भागा है नीरव मोदी

नीरव मार्च 2019 में जारी किए गए एक्स्ट्राडिशन वॉरंट के तहत लंदन में जेल में बंद है और तब से उसकी कई अपील और जमानत के प्रयास विफल हो चुके हैं। भारत में उसके खिलाफ तीन प्रकार की आपराधिक कार्यवाही चल रही है। इनमें पीएनबी धोखाधड़ी का केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का मामला, उस धोखाधड़ी से प्राप्त धन की कथित धन शोधन से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला और सीबीआई की कार्यवाही में साक्ष्य और गवाहों के साथ कथित हस्तक्षेप से संबंधित आपराधिक कार्यवाही का तीसरा मामला है।

अप्रैल 2021 में, ब्रिटेन की तत्कालीन गृह मंत्री प्रीति पटेल ने नीरव मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला साबित होने के बाद इन आरोपों का सामना करने के लिए उसे भारतीय अदालतों में प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था।

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