अयोध्या में फिर प्राण प्रतिष्ठा जैसा समारोह, विवाह पंचमी को राम मंदिर में फहरेगी ध्वजा!

अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य नवंबर में पूरा होने की संभावना है। ध्वज पताका फहराने का समारोह 24-25 नवंबर को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल हो सकते हैं। यह समारोह प्रभु श्री राम के विवाह पंचमी के अवसर पर मनाया जाएगा।

भाषा
पब्लिश्ड16 Jul 2025, 06:15 PM IST
राम मंदिर पर ध्वज फहराने के लिए आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम। (फाइल फोटो)
राम मंदिर पर ध्वज फहराने के लिए आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम। (फाइल फोटो)(PTI)

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि परिसर में श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य नवंबर पूरा होने की संभावना है। इस अवसर पर 161 फीट ऊंचे शिखर पर ध्वज पताका फहरायी जाएगी। सूत्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा की तरह शिखर पर ध्वज पताका लगाने का समारोह भी ऐतिहासिक होगा जिसकी भव्यता देखते ही बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा की तरह स्वयं श्री राम मंदिर पर ध्वज पताका फहरा सकते हैं।

विवाह पंचमी पर श्री राम मंदिर में भव्य आयोजन

यह समारोह 24, 25 नवंबर को हो सकता है क्योंकि 25 नवंबर को विवाह पंचमी है। इसी दिन प्रभु श्री राम का विवाह संपन्न हुआ था और यह महोत्सव अयोध्या के सभी मंदिरों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

दुनियाभर से संतों, धर्मार्चार्यों को बुलाने की तैयारी

सूत्रों की मानें तो एक बार फिर अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को एक बार पुनः प्राण प्रतिष्ठा की याद दिलाई जाएगी। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देश-विदेश के संत, धर्माचार्य भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखा जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से प्राण प्रतिष्ठा की तर्ज पर मेहमानों की सूची बनाने की तैयारी चल रही है, ताकि कार्यक्रम में कोई कमी न रह जाए।

देशवासियों से पताका फहराने की होगी अपील

श्रद्धालु घर बैठे इस कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए भी प्लान बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अयोध्यावासियों को भीड़ से कोई समस्या न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। ध्वज पूजन समारोह के पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सभी सनातनी मंदिरों से अपील कर सकता है कि सभी लोग मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को नया ध्वज पताका फहराकर अपने-अपने मंदिरों में इस समारोह को पूरी उल्लास के साथ मनाएं और अपने आसपास के लोगों को भी समारोह में सम्मिलित करें।

5.5 टन वजनी है पताके का खंभा

मंदिर की कुल ऊंचाई 203 फीट है। 29 अप्रैल को मंदिर के शिखर पर 42 फीट ऊंचा धर्म ध्वज दंड लगाया गया था। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है। ध्वज लगने के बाद मंदिर की ऊंचाई 203 फीट हो गई है। ध्वज दंड का वजन 5.5 टन है और यह पीतल से बना है, 60 कारीगरों ने 7 महीने में तैयार किया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हुआ श्री राम मंदिर का निर्माण

नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय ने राम मंदिर पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। उसके बाद 5 फरवरी, 2020 को संसद ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। महंत नृत्य गोपाल दास अध्यक्ष और चंपत राय महासचिव बने। ट्रस्ट ने समर्पण निधि कार्यक्रम चलाया जिससे धन इकट्ठा हुआ। 5 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया और मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ।

22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की। फिर 5 जून, 2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की और अब नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर ध्वज पताका फहरायेंगे। इसी के साथ श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य संपन्न हो जाएगा। मंदिर परिसर और परकोटे के बाहर अन्य कार्य चलते रहेंगे।

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