भारतीय रेलवे अगले कुछ दिनों में तत्काल बुकिंग में OTP आधारित विंडो टिकट लागू करने की योजना बना रहा है। भारतीय रेलवे चार्ट बनाने का समय मौजूदा चार घंटे की विंडो से बदलकर प्रस्थान से आठ घंटे पहले करने की तैयारी कर रहा है। सरकार रेलवे में इस नए बदलाव से देश भर में हो रही टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाना चाहती है, ताकि रेलवे का तत्काल टिकट लेकर यात्रा करने वालों को आसानी से टिकट मिल सके।
रेलवे टिकट प्रणाली में होगा बदलाव
भारतीय रेलवे अपनी टिकटिंग प्रणाली में बड़े सुधारों के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसका नेतृत्व देशव्यापी OTP आधारित तत्काल आरक्षण तंत्र को लागू करने और चार्ट बनाने के लिए पहले के समय पर स्थानांतरित होने से हो रहा है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे में यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाने और टिकटों की दलाली पर लगाम लगाने के लिए OTP नियम लागू किया जा रहा है। ये योजना पहले से ही ट्रायल के तौर पर 53 ट्रेनों में लागू किया जा चुका है। इन नियम को जल्दी ही सभी ट्रेनों के लिए लागू कर दिया जाएगा।
रेल टिकट आरक्षण में पारदर्शिता बढ़ी
भारतीय रेलवे ने जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण पेश किया था और अक्टूबर 2025 में बुकिंग के पहले दिन सभी सामान्य आरक्षणों के लिए एक ओटीपी आधारित प्रणाली लागू की थी। दोनों उपायों को मजबूत रूप से अपनाया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और यात्रियों के लिए आरक्षण अनुभव आसान हो गया है।
आधार से जुड़े नंबर पर आएगा OTP
जल्दी ही रेलवे के रिजर्वेशन टिकट काउंटर से भी तत्काल टिकट लेने के लिए OTP अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके बाद जिस आधार कार्ड पर टिकट की बुकिंग होगी उस आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा और उस ओटीपी को भरने के बाद ही टिकट मिलेगा। यात्रियों को आरक्षण फॉर्म में दिए गए मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होता है और OTP कनफर्म होने के बाद टिकट मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य हाई डिमांड वाले तत्काल कोटे के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक यात्रियों के लिए उचित पहुंच सुनिश्चित करना है।
4 नहीं 8 घंटे पहले तैयार होगा चार्ट
भारतीय रेलवे चार्ट बनाने का समय मौजूदा चार घंटे की विंडो से बदलकर प्रस्थान से आठ घंटे पहले करने की तैयारी कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से सुझाए गए इस बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे यात्रियों को वेटिंग लिस्ट की स्थिति के बारे में पहले स्पष्टता मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की योजना बनाने के लिए अधिक समय मिलेगा।