Air India Pilot Drug Test: एयर इंडिया ने फ्लाइट सेफ्टी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब अपने सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग करेगी। यह फैसला 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में हुई गंभीर घटना के बाद लिया गया है। एयर इंडिया ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में बताया है कि 13 अगस्त 2026 से सभी पायलटों की प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं को लेकर स्क्रीनिंग शुरू की जा रही है। इस प्रक्रिया में एयर इंडिया के साथ-साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट भी शामिल होंगे।
बता दें कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 फुकेत से दिल्ली आ रही थी। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस घटना में यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं। इस घटना में 20 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए थे। घटना की जांच फिलहाल चल रही है। घटना के बाद विमान में सवार दोनों पायलटों की अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग की गई थी।
कप्तान के ड्रग टेस्ट में क्या मिला?
रॉयटर्स के मुताबिक मामले से परिचित एक सूत्र ने बताया कि फ्लाइट के कप्तान का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट मारिजुआना के लिए पॉजिटिव आया। यह जानकारी सामने आने के बाद पायलट की फिटनेस और फ्लाइट सेफ्टी को लेकर सवाल उठे। हालांकि विमान के अचानक ऊंचाई खोने के पूरे कारण की जांच अभी जारी है और केवल ड्रग टेस्ट के आधार पर घटना का कारण तय नहीं किया गया है।
अब हर पायलट का होगा ड्रग टेस्ट
एयर इंडिया ने अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। कंपनी के नए फैसले के तहत सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जाएगी। यह जांच सिर्फ किसी खास फ्लाइट या किसी संदेह की स्थिति तक सीमित नहीं रहेगी। पायलटों की स्क्रीनिंग ट्रेनिंग के दौरान, फ्लाइट के बाद और एयर इंडिया की तय स्क्रीनिंग लोकेशन पर की जा सकती है। कंपनी की गुरुग्राम स्थित अकादमी और पायलटों के होम बेस भी स्क्रीनिंग के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट भी दायरे में
यह कदम सिर्फ एयर इंडिया के पायलटों तक सीमित नहीं रहेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट भी अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग के दायरे में होंगे। इससे एयर इंडिया ग्रुप के स्तर पर पायलट सेफ्टी और फिटनेस की निगरानी को ज्यादा सख्त बनाने का संकेत मिलता है। रॉयटर्स के मुताबिक मौजूदा नियामकीय व्यवस्था में हर साल कम से कम 10% फ्लाइट क्रू की साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए रैंडम जांच का प्रावधान है। एयर इंडिया का नया फैसला इससे आगे जाता है। कंपनी अब अपने पूरे पायलट ग्रुप को अनिवार्य स्क्रीनिंग के दायरे में ला रही है।
एयर इंडिया ने कर्मचारियों से क्या कहा?
एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि कंपनी के लिए सेफ्टी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। कंपनी ने यह भी कहा कि कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है और उसके पायलटों तथा दूसरे कर्मचारियों की प्रोफेशनलिज्म और सेफ्टी के प्रति प्रतिबद्धता ने यात्रियों का भरोसा बनाया है।