दुबई: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर हो गया है। रविवार तड़के अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए हमले के जवाब में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इसके कुछ ही समय बाद ईरान ने पलटवार करते हुए बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालात को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता और युद्धविराम अब खत्म माना जाए। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने गलत फैसला लिया है और अब उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
कतर और बहरीन में सायरन, यूएई ने जारी किया अलर्ट
ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद कतर में कई जगह धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वहां मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे। संयुक्त अरब अमीरात ने भी लोगों को सतर्क रहने और संभावित मिसाइल तथा ड्रोन हमलों को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।
बहरीन में भी मिसाइल हमले की चेतावनी के सायरन बजाए गए। यह देश इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय मौजूद है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यूएई में किन जगहों को निशाना बनाया गया। इससे पहले ईरान की हालिया सैन्य कार्रवाई में यूएई सीधे निशाने पर नहीं था।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज को ईरान ने निशाना बनाया। इस हमले में जहाज के इंजन वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक असैन्य सदस्य लापता बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि कुछ जहाजों ने उसके निर्देशों और तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया। संगठन के मुताबिक, चेतावनी देने के लिए चलाई गई गोली एक जहाज को लगी, जिसके बाद उसे रोक लिया गया।
ईरान ने यह भी घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगली सूचना तक बंद रहेगा। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि अगर उस पर आगे भी हमले होते हैं तो वह क्षेत्र में मौजूद विरोधी देशों के दूसरे सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।