दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश की तैयारी, 29 अक्टूबर को हो सकता ट्रायल

Artificial rain in Delhi: दिल्ली में पहली बार क्लाउड सीडिंग से कृत्रिम बारिश की तैयारी पूरी हो चुकी है। बुराड़ी में सफल परीक्षण हुआ है। अगर मौसम ने साथ दिया, तो 29 अक्टूबर को राजधानी में पहली कृत्रिम वर्षा होगी, जिससे प्रदूषण कम करने की उम्मीद है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड24 Oct 2025, 08:36 AM IST
दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश की तैयारी (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश की तैयारी (सांकेतिक तस्वीर)(PTI)

Artificial rain in Delhi: दिल्ली की हवा में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राजधानी में पहली बार ‘क्लाउड सीडिंग’ यानी कृत्रिम बारिश की तैयारी पूरी हो चुकी है। अगर मौसम ने साथ दिया, तो 29 अक्टूबर को दिल्ली इस तकनीक से पहली बारिश देखेगी।

बुराड़ी में हुआ सफल परीक्षण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि बुराड़ी इलाके में इसका सफल ट्रायल हो चुका है। विशेषज्ञों ने सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड की थोड़ी मात्रा एक विमान से छोड़ी, जिससे बादलों को बारिश के लिए तैयार किया गया। हालांकि उस वक्त हवा में नमी सिर्फ 20% थी, जबकि क्लाउड सीडिंग के लिए 50% नमी जरूरी होती है।

कब हो सकती है कृत्रिम बारिश?

मौसम विभाग ने 28, 29 और 30 अक्टूबर को बादलों की मौजूदगी की संभावना जताई है। अगर हालात अनुकूल रहे, तो 29 अक्टूबर को दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। सीएम गुप्ता ने कहा कि ये पहल सिर्फ तकनीकी तौर पर अहम नहीं है, बल्कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटने का एक वैज्ञानिक तरीका भी है। सरकार चाहती है कि इस नवाचार से राजधानी की हवा साफ हो और वातावरण संतुलित रहे।

IIT कानपुर और दिल्ली सरकार की साझेदारी

इस प्रोजेक्ट को IIT कानपुर और दिल्ली सरकार ने मिलकर तैयार किया है। इसका मकसद दिवाली के बाद धुंध और कण-प्रदूषण को कम करना है। पहले ये ट्रायल जुलाई में होना था, लेकिन कुछ वजहों से टाल दिया गया।

DGCA ने दी मंजूरी, 23 विभागों की सहमति

क्लाउड सीडिंग के लिए DGCA ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक का समय दिया है। इस दौरान सुरक्षा, हवाई यातायात और तकनीकी दिशा-निर्देशों का पूरा पालन होगा। IIT कानपुर का एयरोस्पेस विभाग सेसना 206-H विमान से ये परीक्षण करेगा। दिल्ली सरकार ने पांच कृत्रिम बारिश परीक्षणों के लिए आईआईटी कानपुर के साथ पिछले महीने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। ये परीक्षण उत्तर-पश्चिम दिल्ली में आयोजित किए जाने की संभावना है।

क्या कहती है सरकार?

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री गुप्ता को समय पर मंजूरी दिलाने के लिए धन्यवाद दिया। सरकार का मानना है कि अगर ये तकनीक सफल रही, तो सर्दियों में प्रदूषण से लड़ने का एक नया रास्ता खुल सकता है।

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