
Sandeep Lather Case: हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार के आरोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोहतक रंगदारी मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी (आईओ) संदीप लाठर ने मंगलवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनकी मौत से पहले मिले सुसाइड नोट और वीडियो ने हरियाणा पुलिस के अंदर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है। इस वीडियो और नोट में एडीजीपी पूरन कुमार के स्टाफ ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह घटनाक्रम एडीजीपी पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के एक हफ्ते बाद सामने आया है, जिन्होंने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ में खुद को गोली मार ली थी।
इंस्पेक्टर संदीप लाठर, जो रोहतक रंगदारी केस को देख रहे थे, ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली। उनकी खुदकुशी के बाद सीएनएन न्यूज़18 को उनका सुसाइड नोट और वीडियो मिला है। इस वीडियो में लाठर ने एडीजीपी पूरन कुमार के स्टाफ ऑफिसर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। लाठर ने वीडियो में कहा कि एडीजीपी का स्टाफ ऑफिसर 'पूरी तरह से भ्रष्ट' है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी जाति के आधार पर भ्रष्ट अधिकारियों को पोस्टिंग दे रहा था और उनका ट्रांसफर कर रहा था।
लाठर ने यह भी आरोप लगाया है कि 'सब शामिल थे', जो स्पष्ट रूप से पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है। हालांकि, इस घटना पर अभी तक अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लाठकर ने सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया कि पूरन कुमार एक 'भ्रष्ट पुलिसकर्मी' थे और उन्होंने यह डर होने पर आत्महत्या की कि उनका भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा।
लाठर ने अपने नोट में आगे लिखा, ‘मैं इस सच्चाई के लिए अपनी जान कुर्बान कर रहा हूं। मुझे इस बात का गर्व है कि मैं ईमानदारी के साथ खड़ा हूं। यह देश को जगाने के लिए जरूरी है।’ उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार के सदस्यों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। इस घटना ने हरियाणा पुलिस के लिए एक और सनसनीखेज मोड़ ला दिया है, जो 52 वर्षीय 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के बाद से ही कड़ी जांच के घेरे में है।
इस पूरे मामले के कारण हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। पूरन कुमार ने कथित तौर पर जो सुसाइड नोट लिखा था, उसमें जिन आठ सीनियर आईपीएस अधिकारियों का नाम था, उनमें कपूर भी शामिल थे। आठ पन्नों के उस नोट में कुमार ने कपूर और पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित आठ अधिकारियों पर उत्पीड़न, भेदभाव और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था। कुमार ने अपने आखिरी संदेश में जाति-आधारित भेदभाव और सिस्टम में अलग-थलग करने की घटनाओं का भी जिक्र किया था।
आत्महत्या का ख्याल आए तो मदद लीजिए। अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को मदद की जरूरत है, तो इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें:
आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)
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