Atal Canteen: आज के समय में जब रोजमर्रा का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तब आम आदमी के लिए दो वक्त का खाना भी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर मजदूर, दिहाड़ी कामगार और कम आय वाले परिवारों के लिए हालात और मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन योजना एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जहां सिर्फ 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक खाना मिलेगा।
25 दिसंबर को हुई अटल कैंटीन योजना की शुरुआत
इस योजना की शुरुआत 25 दिसंबर को, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर की गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय विद्युत एवं आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मिलकर राजधानी के लाजपत नगर स्थित नेहरू नगर में ‘अपना बाजार’ के पास बनी अटल कैंटीन का विधिवत उद्घाटन किया। इसी मौके पर 45 अटल कैंटीन का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया, जबकि शेष 55 कैंटीन अगले 15 से 20 दिनों के भीतर आम लोगों के लिए खोल दी जाएंगी।
कब और कितने बजे मिलेगा खाना
अटल कैंटीन में रोजाना दो समय भोजन की व्यवस्था की गई है। दोपहर का खाना सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, जबकि रात का भोजन शाम 6:30 बजे से रात 9 बजे तक मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, हर कैंटीन में प्रतिदिन करीब 1,000 लोगों को भोजन परोसा जाएगा, जिससे पूरे दिल्ली में रोजाना एक लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
खाने में क्या मिलेगा?
पांच रुपये की थाली में लोगों को दाल, चावल, रोटी, मौसमी सब्जी और अचार दिया जाएगा। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया गया है।
गरीबों के लिए सम्मानजनक पहल
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ सस्ता खाना देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे गरीब और मेहनतकश वर्ग के लिए एक मजबूत सहारा बताया, जबकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इसे सुशासन और मानवीय सोच से जुड़ी पहल करार दिया।
100 जगहों पर खुलेंगी अटल कैंटीन
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों जैसे आरके पुरम, जंगपुरा, शालीमार बाग, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, नरेला और बवाना में अटल कैंटीन शुरू हो चुकी हैं। बाकी केंद्र भी अगले कुछ दिनों में शुरू कर दिए जाएंगे, जिससे शहर के हर हिस्से में लोगों को सस्ता और साफ खाना मिल सके।