Bangladesh Violence Against Minorities:बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। हाल ही में झेनाइदह के रिक्शा चालक गोबिंदा विश्वास को केवल कलाई पर बंधे कलावे के कारण RAW एजेंट करार देकर बेरहमी से पीटा गया। गोबिंदा की हालत गंभीर बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला
झेनाइदा जिले में गोबिंदा रोज की तरह रिक्शा चला रहा था, लेकिन अचानक कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। उसके बाद उन्होंने गोबिंदा के हाथ पर बंधे कलावे के बारे में सवाल किया और उसे RAW एजेंट बता दिया। वो लोग इतने पर नहीं रुके और उन्होंने गोबिंदा को लाठियों से और जूते-चप्पलों पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान गोविंदा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसको कई जगह पर चोट भी आई।
पहले भी हुआ अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
गोबिंदा पहला इंसान नहीं है, जिसके साथ बांग्लादेश में अत्याचार हुआ हो। इससे पहले कई बार अल्पसंख्यकों पर हमले हो चुके हैं। गोबिंदा से पहले भालुका में दीपू चंद्रा दास को भी भारतीय जासूस बताकर उसे चरमपंथियों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ‘एक्स’ पर लिखा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने मामले में संदिग्ध के तौर पर सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर अभियानों के दौरान गिरफ्तारियां की गईं और गिरफ्तार लोगों की उम्र 19 से 46 साल के बीच है। बता दें कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पिछले साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हुईं सिलसिलेवार घटनाओं से प्रभावित हुआ है।