
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में रविवार, 15 फरवरी को मीट की बिक्री और जानवरों को काटने पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक निर्देश के मुताबिक, शहर भर के सभी स्लॉटरहाउस और मीट की दुकानें बंद रहेंगी। एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर ने इस आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली मीट की दुकानें बंद रहेंगी।
GBA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि महा शिवरात्रि के मौके पर, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बूचड़खानों में जानवरों को मारना और दुकानों में मीट बेचना पूरी तरह से बंद रहेगा। यह निर्देश डिप्टी डायरेक्टर, एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट, GBA की ओर से जारी किया गया है।
यह पहला मौका नहीं है जब महा शिवरात्रि के मौके पर मीट की दुकानें बंद करने का आदेश दिया गया है। इससे पहले भी इस तर की पाबंदी लगाई है। महात्मा गांधी और महात्मा बुद्ध की जयंती के मौके पर भी मीट की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया था। बता दें कि ये दिन ड्राई डे और नॉन-वेजिटेरियन डे के तौर पर मनाए जाते हैं।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आने वाले त्योहारों के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चेतावनी दी कि होली, महाशिवरात्रि और रमजान के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महा शिवरात्रि का पावन पर्व शिव और शक्ति के मिलन का सबसे बड़ा उत्सव है। इस बार महा शिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ‘मासिक शिवरात्रि’ मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन मास की इस तिथि को ‘महाशिवरात्रि’ कहा जाता है। इसके विशेष होने के पीछे कई गहरे धार्मिक, पौराणिक और प्राकृतिक कारण छिपे हैं जो इसे अन्य शिवरात्रियों से अलग बनाते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महा शिवरात्रि वह विशेष दिन है जब महादेव और मां पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। अन्य शिवरात्रियां जहां भक्ति का अवसर देती हैं, वहीं महाशिवरात्रि वैराग्य और गृहस्थ जीवन के संतुलन को दर्शाती है। इस रात को महादेव ने तांडव नृत्य किया था, जो सृजन और विनाश के चक्र को दर्शाता है। यही कारण है कि इस रात की गई साधना का फल अन्य रात्रियों की तुलना में कई गुना अधिक मिलने की संभावना मानी जाती है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.