Bihar Electricity Tariff: दिन में बिजली सस्ती, रात में महंगी, 'टाइम-ऑफ-डे' टैरिफ लागू

Bihar electricity tariff 2026: बिहार में 'टाइम ऑफ़ डे टैरिफ' नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। इस नियम के तहत राज्य में बिजली इस्तेमाल करने वालों को दिन और रात में अलग - अलग दर से बिजली की कीमत चुकानी होगी। आइये जानते हैं आम आदमी पर कितना बढ़ेगा बोझ।

Jitendra Singh
अपडेटेड26 Mar 2026, 01:43 PM IST
Bihar Electricity Tariff: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली इस्तेमाल करना सस्ता होगा।
Bihar Electricity Tariff: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली इस्तेमाल करना सस्ता होगा।

Bihar Electricity Tariff 2026: बिहार में प्रीपेड मीटर वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब राज्य में दिन के समय बिजली इस्तेमाल करने पर कम पैसे लगेंगे। वहीं अगर रात में बिजली इस्तेमाल करते हैं तो ज्यादा पैसे लगेंगे। राज्य सरकार ने बिजली की दरों के लिए नए नियम लागू किए हैं। नया नियम एक अप्रैल से लागू होगा। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर टाइम ऑफ डे टैरिफ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत दिन के अलग-अलग समय पर बिजली की दरें अलग-अलग होंगी।

यह नियम उन सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिनके पास स्मार्ट प्रीपेड मीटर हैं। इसके साथ ही उन लोगों पर भी यह नियम लागू होगा जो पुराने (पारंपरिक) मीटर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था के दायरे में 87 लाख से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता आएंगे जिनके पास स्मार्ट प्रीपेड मीटर है। इसके साथ ही वे उपभोक्ता भी शामिल होंगे जो पुराने मीटर इस्तेमाल कर रहे हैं।

कितनी महंगी होगी बिजली?

रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं को सिर्फ 80 प्रतिशत राशि चुकानी होगी। यानी 100 रुपये की खपत पर 80 रुपये ही देना होगा। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर में खपत पर 120 प्रतिशत दर लगेगी। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आयोग ने इसे 110 प्रतिशत रखा है, जबकि रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक पूरी तरह सामान्य दर लागू रहेगी।

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कृषि कनेक्शन को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका असर 87 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा। इसका मतलब है कि बिजली खपत का समय तय करेगा बिल कितना आएगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर नहीं है, लेकिन उनका बिजली लोड 10 किलोवाट से अधिक है। ऐसे लोग भी नए सिस्टम के दायरे में आएंगे।

जानिए क्या है टाइम ऑफ डे टैरिफ?

टाइम ऑफ डे टैरिफ का मतलब है कि दिन के अलग-अलग समय पर बिजली की दर अलग-अलग होगी। इस व्यवस्था का मकसद उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग का समय बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि पीक आवर में लोड कम किया जा सके। पहले यह व्यवस्था सिर्फ औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।

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ऐसा फैसला क्यों लिया गया?

ऊर्जा विभाग और आयोग का मानना है कि दिन के समय खासकर सोलर ऊर्जा की उपलब्धता ज्यादा होती है। इससे बिजली उत्पादन सस्ता पड़ता है। इसलिए दिन में दर कम रखी गई है। वहीं शाम के समय मांग बढ़ने के कारण दरें बढ़ाई गई हैं, ताकि उपभोक्ता अपनी खपत को संतुलित करें।

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