मंत्री ने कहा शाबाश तो प्रधानमंत्री ने भी बजाई ताली, आखिर बिहार ने ऐसा क्या कर दिया

Ramsar Sites of Bihar: बिहार की दो झीलों गोकुल जलाशय और उदयपुर झील को रामसर साइट का दर्जा मिला है। इससे भारत में कुल रामसर साइट्स की संख्या 93 हो गई है। पीएम मोदी और मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिहार की पर्यावरणीय पहल की सराहना की है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड27 Sep 2025, 07:38 PM IST
बिहार की दो झीलों को मिला रामसर साइट का दर्जा
बिहार की दो झीलों को मिला रामसर साइट का दर्जा(ANI)

Ramsar Sites of Bihar: पर्यावरण की बात हो और बिहार का नाम सामने आए ये सुनकर शायद कुछ लोग चौंक जाएं। लेकिन हाल ही में जो हुआ है, वो वाकई तारीफ के काबिल है। बिहार की दो अहम झीलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ये सिर्फ कागजी उपलब्धि नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों की सोच और मेहनत का नतीजा है। बिहार की इस उपलब्धि पर पर्यावरण मंत्री ने बिहार की तारीफ की जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तालियां बजाईं।

बिहार की दो झीलें बनीं रामसर साइट

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट कर लिखा,"शाबाश बिहार! भारत ने वेटलैंड्स संरक्षण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। बिहार से दो नई रामसर साइट्स जुड़े हैं- बक्सर जिले का गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण का उदयपुर झील (319 हेक्टेयर)। इसके साथ ही भारत में अब कुल 93 रामसर साइट्स हो गए हैं, जो 13,60,719 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। यह भारत की जैव विविधता, जलवायु संतुलन और सतत आजीविका को सुरक्षित रखने की सोच को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत एशिया में पहले और दुनिया में तीसरे स्थान पर बना हुआ है, जहां सबसे ज्यादा रामसर साइट्स हैं।"

प्रधानमंत्री ने कही ये बात

उनके इस पोस्ट के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस उपलब्धि पर बिहारवासियों की तारीफ की। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, "शानदार खबर! वेटलैंड्स टिकाऊ विकास के लिए बेहद अहम हैं। बिहार के लोगों को खास सराहना, जो सोच और काम दोनों में पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर आगे बढ़कर मिसाल पेश कर रहे हैं।"

बाढ़ में गांवों को बचाने वाला प्राकृतिक कवच

गंगा की बाढ़ की लहरें इस जलाशय को प्रभावित करती हैं। गर्मियों में दलदली जमीन और खेत उजागर हो जाते हैं, जबकि मानसून में जलभराव बढ़ता है। यह झील आसपास के गांवों को बाढ़ से बचाने का काम करती है और 50 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों का घर भी है।

उदयपुर झील: पक्षियों और वनस्पतियों का स्वर्ग

उदयपुर झील एक ऑक्सबो झील है, जो चारों तरफ से जंगलों से घिरी है। यहां 280 से ज्यादा वनस्पति प्रजातियां और 35 प्रवासी पक्षी प्रजातियां मिलती हैं। इनमें कॉमन पोचार्ड जैसी असुरक्षित प्रजाति भी शामिल है।

हर वर्ष एक पारंपरिक पर्व के दौरान ग्रामीण सामूहिक रूप से जलाशय की सफाई और खरपतवार हटाने का कार्य करते हैं, जिससे यह क्षेत्र स्वच्छ और सुरक्षित बना रहता है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़न्यूज़मंत्री ने कहा शाबाश तो प्रधानमंत्री ने भी बजाई ताली, आखिर बिहार ने ऐसा क्या कर दिया
More
बिजनेस न्यूज़न्यूज़मंत्री ने कहा शाबाश तो प्रधानमंत्री ने भी बजाई ताली, आखिर बिहार ने ऐसा क्या कर दिया
OPEN IN APP