ब्लूचिप ग्रुप के मालिक रविंद्र नाथ सोनी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने देहरादून में नाटकीय तरीके से गिरफ्तार किया। उन पर कानपुर के एक व्यक्ति से 42 लाख रुपए की ठगी का आरोप है। साथ ही उनके खिलाफ दुबई, अमेरिका, मलेशिया सहित कई देशों से शिकायतें भी दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, सोनी अपने घर के बाहर फूड डिलीवरी ऑर्डर लेने के लिए निकले तभी टीम ने उन्हें दबोच लिया। कानपुर की कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
दुबई में दिवालिया होने के बाद खुली कई परतें
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि सोनी पर दुबई में दर्जनों नागरिक मुकदमे दर्ज हैं, जहां उनकी कंपनी पिछले साल अचानक दिवालिया घोषित हो गई थी। उनके खिलाफ विदेशी निवेशकों से करोड़ों की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सोनी भारत कैसे पहुंचे, क्या उन्होंने किसी अवैध रास्ते का इस्तेमाल किया या किसी नेटवर्क की मदद ली।
निवेश दोगुना का लालच देकर जाल में फंसाने का खेल
कानपुर में दर्ज हुई शिकायत में दिल्ली निवासी अब्दुल करीम ने बताया कि ब्लूचिप ग्रुप के सेल्स एग्जिक्यूटिव ने उनके बेटे को निवेश योजनाओं के नाम पर फंसाया। 2021 में कंपनी के मालिक सोनी ने खुद उनसे मुलाकात की और दावा किया कि निवेश राशि 36-46 महीनों में दोगुनी हो जाएगी। भरोसा दिलाने के बाद परिवार ने पहले 9 लाख, फिर 2022 में सोनी के कहने पर 32 लाख रुपए और निवेश किए। लेकिन बाद में कंपनी के वेबसाइट, संपर्क नंबर और ऑफिस सभी बंद मिले।
कई खातों से 80 लाख रुपए फ्रीज, देशभर में बढ़ रहीं शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया कि सोनी के भारत में तीन कंपनियां और ब्लूचिप ग्रुप की 12 सब्सिडियरी कंपनियां थीं, जिनके जरिए वह कथित रूप से निवेशकों से पैसा जुटाते थे। टीम ने उनके कई खातों को खंगालते हुए 80 लाख रुपए फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि सोनी के भारत में कई सहयोगी और एजेंट काम करते थे, जिन्हें ट्रेस किया जा रहा है। ख़लीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लूचिप ग्रुप ने केवल 90 निवेशकों से 17 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई थी। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और देश-विदेश से आ रही नई शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।