CBSE 12th Result 2026 : रिजल्ट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या मेरी कॉपी सही जांची गई है? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस बार 12वीं की कॉपियों की जांच ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) से कराई है। यानी कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल तरीके से चेक हुई हैं।
फिर भी अगर किसी छात्र को अपने नंबरों पर संतोष न हो, तो बोर्ड ने अपनी जंची हुई कॉपी मंगवाने और नंबरों को चुनौती देने का पूरा रास्ता दिया है। 15 मई, 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस में तारीख, फीस और हर शर्त साफ बता दी गई है। नीचे पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप समझिए ताकि एक भी जरूरी तारीख न छूटे।
OSM क्या है और सुविधा क्यों दी गई
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियां ऑन स्क्रीन मार्किंग से जंची हैं। इसमें कॉपी का फिजिकल मूवमेंट नहीं होता, टोटलिंग और पोस्टिंग की गलतियां खत्म हो जाती हैं, और हर उत्तर मार्किंग स्कीम के हिसाब से चेक होता है। बोर्ड का कहना है कि इससे जांच ज्यादा सटीक और पारदर्शी हुई है। फिर भी, अगर कोई छात्र अपने प्रदर्शन से संतुष्ट न हो, तो उसे अपनी कॉपी खुद देखने और गड़बड़ी बताने का मौका दिया जा रहा है।
दो चरणों में पूरी प्रक्रिया
बोर्ड ने सुविधा को दो स्टेज में बांटा है। पहले चरण में छात्र अपनी जंची हुई कॉपी की स्कैन कॉपी मांग सकता है। दूसरे चरण में वह उस कॉपी में दिखी गड़बड़ी की जांच (वेरिफिकेशन) और/या उत्तरों का री-इवैल्यूएशन मांग सकता है। ध्यान रहे कि आवेदन सिर्फ वही छात्र कर सकता है जिसने स्टेज 1 में स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया हो।
स्टेप बाय स्टेप: कॉपी कैसे देखें और नंबर कैसे चुनौती दें
स्टेप 1 रिजल्ट देखें: अपना स्कोरकार्ड चेक करें और तय करें कि किन विषयों की कॉपी देखनी है।
स्टेप 2 स्कैन कॉपी के लिए आवेदन (19–22 मई): CBSE पोर्टल पर लॉगिन कर इच्छित विषय की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। फीस 700 रुपये प्रति विषय है। पेमेंट सिर्फ क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से होगा। एक या एक से ज्यादा विषयों का आवेदन एक ही बार में करना होगा, बार-बार नहीं।
स्टेप 3 कॉपी डाउनलोड करें: स्कैन कॉपी छात्र के लॉगिन में मिलेगी, जहां से उसे डाउनलोड किया जा सकता है। यह 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दी जाएगी।
स्टेप 4 कॉपी की जांच करें: CBSE वेबसाइट से उस सेट का प्रश्नपत्र और मार्किंग स्कीम निकालें। अपनी कॉपी मार्किंग स्कीम से मिलाएं। देखें कि उत्तर सही होने के बावजूद कहीं नंबर तो नहीं छूटे।
स्टेप 5 वेरिफिकेशन/री-इवैल्यूएशन (26–29 मई): गड़बड़ी मिलने पर ऑनलाइन आवेदन करें। गड़बड़ी की जांच के लिए 500 रुपये प्रति कॉपी की दर से फिर से फीस दोनी होगी। फिर जितने प्रश्न का री-इवैल्यूएशन करवा है, 100 रुपये प्रति प्रश्न की दर से अतिरिक्त पेमेंट करना होगा। हर चुनौती दिए गए प्रश्न के साथ स्पष्ट कारण लिखना जरूरी है।
स्टेप 6 नतीजा: आवेदन की स्थिति लॉगिन में अपडेट होगी। री-इवैल्यूएशन का परिणाम अंतिम होगा। उस पर कोई अपील या समीक्षा नहीं होगी।
जरूरी सावधानियां
आवेदन सिर्फ छात्र खुद करे, साइबर कैफे या किसी और से नहीं। हर स्टेज के लिए सिर्फ एक आवेदन मान्य है, दोबारा मौका नहीं मिलेगा। सबसे अहम बात यह है कि री-इवैल्यूएशन में नंबर बढ़ भी सकते हैं और एक अंक तक घट भी सकता है। नंबर बदलने पर पुरानी मार्कशीट लौटाकर नई जारी होगी। सूचना का अधिकार (RTI )के तहत सिर्फ स्कैन कॉपी मिल सकती है, री-इवैल्यूएशन या शिकायत निवारण की मांग आरटीआई से नहीं की जा सकती है।
CBSE की यह सुविधा छात्रों को पारदर्शिता का भरोसा देती है, लेकिन तारीखें बेहद सख्त हैं और हर स्टेज की समयसीमा रात 11:59:59 पर खत्म हो जाती है। समझदारी इसी में है कि छात्र पहले से तय कर लें कि किन विषयों पर आवेदन करना है, क्योंकि दूसरा मौका नहीं मिलने वाला।