
CBSE Re-Evaluation: सीबीएसई के कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद अब हजारों छात्र अपने अंकों की दोबारा जांच और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि 1 जून को शुरू होने वाली इस प्रक्रिया को लेकर छात्रों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी। तय समय पोर्टल एक्टिव नहीं हुआ और वेबसाइट पर “Site is Under Updation” का मैसेज दिखाई दे रहा है। इस स्थिति ने उन छात्रों की चिंता बढ़ा दी है जो अपने प्राप्त अंकों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, सत्यापन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
कई छात्र और अभिभावक सुबह से पोर्टल खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। हजारों छात्र और अभिभावक लगातार वेबसाइट चेक कर रहे हैं। इधर बोर्ड के सोर्सेज का कहना है कि सत्यापन (Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) पोर्टल जल्द ही खोला जाएगा। छात्रों को केवल CBSE द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और अपडेट्स पर ही भरोसा करना चाहिए। हालांकि, एक नए अपडेट में, CBSE ने संकेत दिए हैं कि पोर्टल का लॉन्च अब जल्द ही होने वाला है।
CBSE ने पहले घोषणा की थी कि Class 12 के पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल को 1 जून से शुरू किया जाएगा। इससे पहले बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीखों में बदलाव किया था। यह प्रक्रिया मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और पोर्टल से जुड़े मुद्दों के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया था। बाद में CBSE ने कहा था कि वेबसाइट पर वेबसाइट काम जारी है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों को बिना किसी परेशानी के संभाला जा सके।
1 जून को जब छात्र री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर पहुंचे तो उन्हें आवेदन लिंक की जगह “Site is Under Updation” संदेश दिखाई दिया। इससे छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई क्योंकि बोर्ड की ओर से पोर्टल शुरू किए जाने की उम्मीद जताई गई थी। कई छात्र सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर लगातार यह पूछते दिखाई दिए कि आखिर आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।
CBSE की पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है जो मानते हैं कि उनकी कॉपी में अंक जोड़ने, मूल्यांकन या किसी उत्तर की जांच में गलती हुई हो सकती है। इस प्रक्रिया के तहत छात्र उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त कर सकते हैं। अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन की मांग कर सकते हैं। कई छात्रों के लिए यह प्रक्रिया कॉलेज एडमिशन और कटऑफ से भी जुड़ी होती है। ऐसे में पोर्टल में देरी उनके लिए अतिरिक्त तनाव का कारण बन सकती है।
यह पहली बार नहीं है जब CBSE की पोस्ट-रिजल्ट प्रणाली तकनीकी समस्याओं के कारण चर्चा में आई हो। पिछले कुछ दिनों में छात्रों ने लॉगिन फेल होने, पोर्टल क्रैश होने, भुगतान संबंधी समस्याओं और आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शिकायतें की थीं। कई मामलों में आवेदन लिंक हटाए जाने और पोर्टल के अस्थायी रूप से बंद होने की खबरें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों के बाद बोर्ड ने पोर्टल को मजबूत करने और तकनीकी ढांचे को सुधारने की बात कही थी।
CBSE का On-Screen Marking (OSM) सिस्टम भी हाल के दिनों में विवादों में रहा है। कुछ रिपोर्टों में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी सुरक्षा खामियों और तकनीकी कमजोरियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद CBSE ने कहा कि वह तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर पोर्टल की सुरक्षा और स्थिरता को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। यही वजह मानी जा रही है कि बोर्ड री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले सिस्टम को पूरी तरह स्थिर और सुरक्षित बनाना चाहता है।
परिणाम घोषित होने के बाद री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर पहले ही काफी इंतजार हो चुका है। ऐसे में पोर्टल दोबारा निर्धारित समय पर शुरू न होने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई छात्रों का कहना है कि उन्हें कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया के लिए जल्द से जल्द अंतिम अंक स्पष्ट होने चाहिए। यदि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में और देरी होती है तो इसका असर आगे की शैक्षणिक योजनाओं पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल आखिर कब पूरी तरह शुरू होगा। हजारों छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए इंतजार कर रहे हैं और बोर्ड की अगली घोषणा पर सबकी नजर टिकी हुई है।
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