Self-Enumeration Process: भारत में जनगणना हमेशा से एक बड़ा और जरूरी काम रहा है, लेकिन इस बार इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Census 2027 की शुरुआत के साथ ही सरकार ने पहली बार इसे डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब लोगों को घर-घर आने वाले अधिकारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे खुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
1 अप्रैल से शुरू हुए इस पहले चरण में हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (HLO) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि इस बार 'सेल्फ-एन्युमरेशन' (Self-Enumeration) यानी खुद से जानकारी भरने की सुविधा भी दी गई है, जो पहले कभी नहीं थी। इससे लोगों को समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।
क्या है ये सेल्फ-एन्युमरेशन और आपको इससे क्या फायदा?
सेल्फ-एन्युमरेशन एक ऑनलाइन सिस्टम है जहां आप अपनी सुविधानुसार घर के सदस्यों और मकान की जानकारी भर सकते हैं। यह सुविधा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएगा, तो आपको बस अपना एक आईडी दिखाना होगा और आपका काम मिनटों में हो जाएगा। आप अपनी सुविधा के हिसाब से, अपने समय पर, घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं बिना किसी जल्दबाजी के।
स्टेप-बाय-स्टेप, कैसे करें खुद का रजिस्ट्रेशन:
- सबसे पहले https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाएं। इसमें 15-20 मिनट लगेंगे।
- परिवार के मुखिया का नाम भरें (इसे बाद में बदला नहीं जा सकता)।
- अपनी पसंद की भाषा चुनें
- अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरीफाई करें। याद रहे, एक परिवार के लिए एक ही नंबर का इस्तेमाल होगा।
- अपना जिला चुनें और PIN कोड (वैकल्पिक) दर्ज करें, फिर अपने गांव/शहर, इलाके या किसी नजदीकी पहचान (लैंडमार्क) का नाम लिखें। इसके बाद "Search" पर क्लिक करें।
- अपने घर की लोकेशन को डिजिटल मैप पर 'रेड मार्कर' के जरिए सही जगह सेट करें।
- फिर हाउसिंग से जुड़े सवालों का जवाब भरना होगा। आप चाहें तो इसे ड्राफ्ट में सेव कर सकते हैं और बाद में फाइनल सबमिट कर सकते हैं।
- सबमिट करने के बाद आपको 11 अंकों की एक SE ID (जैसे H1234567890) मिलेगी। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या इसे नोट कर लें।
- जब सेन्सस एन्युमरेटर आपके घर आए, तो अपना SE ID उनके साथ शेयर करें।
- अगर आपका SE ID एन्युमरेटर के मोबाइल में मौजूद SE IDs से मैच करता है, तो आपकी जानकारी कन्फर्म होकर स्वीकार कर ली जाएगी और सबमिट मानी जाएगी। अगर SE ID मैच नहीं करता, तो एन्युमरेटर आपके घर का डेटा फिर से इकट्ठा करेगा।
इन राज्यों में शुरू हो चुका है काम
पहले फेज में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा लाइव हो गई है। इनमें गोवा, कर्नाटक, ओडिशा, सिक्किम, मिजोरम, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार के साथ-साथ नई दिल्ली (NDMC और दिल्ली कैंट) शामिल हैं। पहले ही दिन करीब 55,000 परिवारों ने खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरी है।
क्या-क्या जानकारी ली जाएगी
हाउसिंग लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस का यह चरण 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगा। इसमें घर की स्थिति, सुविधाएं और संपत्ति से जुड़ी कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। ये डेटा आगे चलकर सरकार को प्लानिंग और योजनाएं बनाने में मदद करेगा।
कब तक चलेगा पूरा काम
देशभर में यह फील्ड सर्वे 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को 30 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके अलावा, घर-घर सर्वे से पहले 15 दिन का अतिरिक्त समय सेल्फ-एन्युमरेशन के लिए दिया जाएगा।