नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पहले ही दिन लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने से जुड़े प्रस्ताव के नोटिस पर विचार किया जाएगा। यह नोटिस विपक्षी सांसदों की ओर से दिया गया है।
संसद की कार्यवाही के दौरान जब पीठासीन अधिकारी इस मुद्दे को बुलाएंगे, तब कम से कम 50 सांसदों को इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ा होना होगा। यदि 50 सांसद समर्थन में खड़े हो जाते हैं, तो प्रस्ताव को सदन के सामने चर्चा और मतदान के लिए स्वीकार कर लिया जाएगा। लेकिन अगर 50 सांसद समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो यह प्रस्ताव पेश ही नहीं किया जा सकेगा।
इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।लोकसभा में सरकार के पास बहुमत ज्यादा होने के कारण माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाएगा।
कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव पेश करने के लिए सदन से अनुमति मांगेंगे। यदि कम से कम 50 सांसदों का समर्थन मिल जाता है, तो प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराया जाएगा।
संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष इस नोटिस पर विचार के दौरान सदन में मौजूद रह सकते हैं। वे प्रस्ताव पर अपनी बात रख सकते हैं और मतदान में भी हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, जब इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, तब वे सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में माना जा रहा है कि ओम बिरला सत्तापक्ष की पंक्ति में बैठ सकते हैं, हालांकि इस बारे में नियमों में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।