दिल्ली में लगातार तीसरे दिन AQI गंभीर स्तर पर, स्मॉग से हाल-बेहाल, फ्लाइट्स पर पड़ा असर, जानें ज्यादा प्रभावित इलाके

दिल्ली के कम से कम चार मॉनिटरिंग स्टेशंस अशोक विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी और वजीरपुर में सोमवार सुबह करीब 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 500 दर्ज किया गया।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड15 Dec 2025, 10:34 AM IST
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन AQI गंभीर स्तर पर, स्मॉग से हाल-बेहाल, फ्लाइट्स पर पड़ा असर, जानें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन AQI गंभीर स्तर पर, स्मॉग से हाल-बेहाल, फ्लाइट्स पर पड़ा असर, जानें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके(Vipin Kumar/ Hindustan Times)

दिल्ली में एक बार फिर सोमवार को सर्दियों की सुबह घने स्मॉग के साथ हुई। लगातार तीसरे दिन राजधानी में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रही। सुबह 6 बजे कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 457 दर्ज किया गया। कई इलाकों में दृश्यता बहुत कम हो गई, जिससे सामने की चीजें भी साफ दिखाई नहीं दे रही थीं। घना धुंध पूरे शहर में छाया रहा।

खराब दृश्यता के कारण दिल्ली से उड़ान भरने वाली और आने वाली फ्लाइट्स पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई, जिसको लेकर एयरपोर्ट और एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की।

दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई अधिकतम स्तर पर पहुंच गया। हालात वीकेंड में और बिगड़े और सोमवार को प्रदूषण तेजी से बढ़ गया।

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सुबह करीब 7 बजे अशोक विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी और वजीरपुर जैसे कम से कम चार इलाकों में एक्यूआई 500 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सबसे ऊंचा स्तर है। चूंकि एक्यूआई पैमाना 500 से आगे नहीं जाता, इसलिए असल में प्रदूषण का स्तर इससे भी ज्यादा हो सकता है।

आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दिल्ली के 39 में से 38 सक्रिय निगरानी केंद्रों पर अलग-अलग समय में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ या ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में रही। इनमें से कम से कम 13 केंद्रों पर कई घंटों तक एक्यूआई 490 से ऊपर बना रहा।

प्रदूषण बोर्ड के अनुसार एक्यूआई 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 400 से ऊपर ‘गंभीर’ माना जाता है। राहत उपायों के लिहाज से 450 से ऊपर के स्तर को ‘गंभीर प्लस’ कहा जाता है, जबकि 500 को बेहद खतरनाक स्थिति माना जाता है।

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सुबह के समय दृश्यता में भारी गिरावट देखी गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह करीब 7 बजे दृश्यता घटकर केवल 50 मीटर रह गई। मौसम विभाग ने सफदरजंग वेधशाला के आंकड़ों के आधार पर सुबह और दोपहर तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की थी।

दिल्ली एयरपोर्ट ने भी यात्रियों को संभावित देरी और व्यवधान को लेकर अलर्ट किया। इस दौरान अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शहर के कई इलाकों में कम दृश्यता देखने को मिली। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में बाराखंबा रोड, अक्षरधाम और बावाना समेत कई इलाके घने स्मॉग में डूबे नजर आए, जिससे प्रदूषण की गंभीरता साफ झलकती है।

दिल्ली के 38 सक्रिय एयर क्वालिटी स्टेशनों में से 24 पर एक्यूआई 450 से ऊपर यानी ‘गंभीर प्लस’ स्तर पर पहुंच गया। पांच स्टेशनों पर एक्यूआई 500 तक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में अशोक विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी और वजीरपुर शामिल रहे। आनंद विहार में एक्यूआई 493 रहा, जबकि डीटीयू 482, पंजाबी बाग 480, ओखला फेज-2 480, पटपड़गंज 476 और नॉर्थ कैंपस, डीयू में 473 दर्ज किया गया।

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विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में इस प्रदूषण की मुख्य वजह मौसम की खराब स्थिति है। एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार से हवा की गति बहुत कम रही, जिससे प्रदूषक तत्व फैल नहीं पा रहे हैं। स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार कमजोर हवाओं की वजह से प्रदूषण तेजी से बढ़ा है और मौजूदा हालात में एक्यूआई इसी स्तर पर बना रह सकता है।

दिल्ली की कटोरे जैसी भौगोलिक बनावट भी इसमें भूमिका निभा रही है। सर्दियों में ठंडी हवा नीचे फंस जाती है और ऊपर गर्म हवा की परत बन जाती है, जिससे प्रदूषक जमीन के पास ही रुक जाते हैं। बारिश न होना और धीमी हवाएं हालात को और खराब कर देती हैं।

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हालांकि वाहन उत्सर्जन और निर्माण कार्य से उठने वाली धूल अभी भी बड़े कारण हैं, लेकिन पराली जलाना अब प्रमुख वजह नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार फसल जलाने का मौसम लगभग खत्म हो चुका है और इस साल पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं काफी कम हुई हैं। फिलहाल मौसम से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है और दिल्ली के लोग एक और दिन जहरीली हवा और खराब दृश्यता के साथ गुजारने के लिए मजबूर हैं।

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