Delhi Blast: ना फोन नंबर, ना ईमेल आईडी की जरूरत… स्विस ऐप पर रची गई थी दिल्ली धमाके की साजिश?

Threema App: दिल्ली धमाके की जांच में कुछ नए खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीनों डॉक्टर कथित तौर पर स्विस ऐप ‘थ्रीमा’ के माध्यम से संपर्क में थे। पुलिस को शक है कि निजी सर्वर पर नक्शे और दस्तावेज साझा किए गए हैं। 

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड13 Nov 2025, 09:22 PM IST
लाल किला धमाके के लिए थ्रीमा ऐप पर रची गई थी साजिश?
लाल किला धमाके के लिए थ्रीमा ऐप पर रची गई थी साजिश?(HT)

Delhi blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टर इस साजिश में शामिल थे और वे एक स्विस ऐप ‘थ्रीमा’ के जरिए लगातार संपर्क में थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

जांच में सामने आया कि तीनों संदिग्धों डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन शाहिद ने कथित तौर पर इस ऐप का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और समन्वय करने के लिए किया।

क्यों चुना ये स्विस ऐप?

एक सूत्र ने बताया कि ‘थ्रीमा’ ऐप खास है क्योंकि इसमें अकाउंट बनाने के लिए न तो फोन नंबर चाहिए और न ही ईमेल आईडी। हर यूजर को एक अलग आईडी मिलती है, जो किसी मोबाइल नंबर या सिम से जुड़ी नहीं होती। इस ऐप में प्राइवेट सर्वर चलाने का विकल्प भी है और इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मिलता है। इसी वजह से संदिग्धों ने इसे चुना।

सूत्र ने आगे बताया कि ज्यादा गोपनीयता के लिए ‘थ्रीमा’ में दोनों तरफ से मैसेज डिलीट करने की सुविधा है और यह डेटा सेव नहीं करता। इसी कारण पुराने मैसेज वापस निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।

जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि जो निजी सर्वर इस्तेमाल किया गया था, वह भारत में था या विदेश में, और क्या इस पर मॉड्यूल के बाकी लोगों की भी पहुंच थी।

निजी सर्वर पर बनी थी साजिश की योजना

जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपी डॉक्टरों ने सुरक्षित रूप से बातचीत करने और पहचान से बचने के लिए एक निजी ‘थ्रीमा’ सर्वर स्थापित किया था। इस सर्वर का कथित तौर पर दिल्ली विस्फोट की साजिश से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज और नक्शे साझा करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

सबसे कट्टरपंथी सदस्य था उमर

जांचकर्ताओं को संदेह है कि उमर और उसकी टीम ने फरीदाबाद से जब्त की गई एक लाल इकोस्पोर्ट कार का इस्तेमाल अमोनियम नाइट्रेट के परिवहन और भंडारण के लिए किया था। सूत्रों ने बताया कि उमर मॉड्यूल का सबसे कट्टरपंथी सदस्य था। वह अन्य सभी आरोपी डॉक्टरों के बीच सेतु का काम करता था। बताया जा रहा है कि मुजम्मिल और आतंकी साजिश से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसने कथित तौर पर अपने फोन बंद कर दिए और डिजिटल संपर्क तोड़ दिए।

राजधानी में कई धमाकों की थी तैयारी

संदिग्धों ने दिल्ली में कई बार रेकी की थी। यह समूह कई सिलसिलेवार विस्फोटों की साजिश रच रहा था और पकड़े जाने के समय अपने आकाओं से अंतिम आदेश का इंतजार कर रहा था। पुलिस को पता चला है कि करीब 32 कारें तैयार की जा रही थीं ताकि ऐतिहासिक स्थलों और अहम जगहों पर धमाके किए जा सकें।

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