
दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम एक बड़ी कार ब्लास्ट की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। इस धमाके में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
इसी घटना से कुछ घंटे पहले, दिल्ली पुलिस ने एनसीआर के फरीदाबाद में एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें अल-फलाह यूनिवर्सिटी के तीन डॉक्टरों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के शक में गिरफ्तार किया गया।
इन डॉक्टरों के नाम हैं मुज़म्मिल शकील, उमर मोहम्मद और शाहीन सईद। जांच एजेंसियों को शक है कि इन गिरफ्तारियों और लाल किले के पास हुए धमाके के बीच कोई संबंध हो सकता है। इसी वजह से मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा मारा, क्योंकि यह अब जांच के दायरे में आ गई है।
10 नवंबर को दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हुए कार ब्लास्ट के बाद, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस घटना का कोई संबंध अल-फलाह यूनिवर्सिटी के आतंकी मॉड्यूल से है।
सुरक्षा एजेंसियां यह जांच रही हैं कि कहीं इस यूनिवर्सिटी से कोई ‘व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क’ यानी शिक्षित प्रोफेशनल्स और छात्रों का आतंकी नेटवर्क तो नहीं चल रहा था, जो पाकिस्तान के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था।
गिरफ्तार डॉक्टरों में से 35 वर्षीय मुजम्मिल शकील यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे और उन्हें 30 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। वहीं उत्तर प्रदेश की डॉक्टर शाहीन सईद का नाम भी इस आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण सुर्खियों में आया है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज इलाके में स्थित है। यह करीब 70 एकड़ में फैली हुई है और यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह यूनिवर्सिटी स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और पीएचडी जैसे कई कोर्स ऑफर करती है।
कैंपस में अल-फलाह हॉस्पिटल भी है, जो अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर का हिस्सा है। यह एक 650-बेड का चैरिटेबल हॉस्पिटल है, जहां आम लोगों को कम कीमत पर इलाज की सुविधा दी जाती है।
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