Delhi bulldozer action: दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला सेंट्रल दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके का है, जहां देर रात अचानक बुलडोजर पहुंचे और बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हटाने का अभियान शुरू हुआ। कार्रवाई के दौरान हालात तनावपूर्ण जरूर हुए, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मिलकर स्थिति को काबू में रखा।
हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ अभियान
दिल्ली नगर निगम के डीसी विवेक अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली नगर निगम ने हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत फैज-ए-इलाही मस्जिद और तुर्कमान गेट के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। रात करीब एक बजे शुरू हुआ यह अभियान सुबह तक चला। इस दौरान करीब 32 जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
बुलडोजर के बीच पथराव
डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए, जब 25 से 30 लोगों ने तोड़फोड़ दल और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। हालांकि सभी घायल पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं और खतरे से बाहर बताए गए हैं।
आंसू गैस के इस्तेमाल से हालात काबू में
उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली पुलिस ने स्थिति बिगड़ने से पहले ही मोर्चा संभाल लिया। पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिसके बाद इलाके में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तोड़फोड़ दल को काम पूरा करने में मदद की।
क्यों रात में हुई कार्रवाई
डीसीपी के मुताबिक, अवैध रूप से बने एक बैंक्वेट हॉल, क्लीनिक और डिस्पेंसरी को ध्वस्त किया गया है। प्रशासन ने साफ किया कि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसी वजह से यह अभियान रात के समय चलाया गया। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में धारा 144 लागू की गई और ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई।
पथराव करने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए CCTV फुटेज, ग्राउंड फुटेज और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की मदद ली जा रही है। पहचान होते ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कम से कम बल प्रयोग पर जोर
सेंट्रल रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हालात बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन स्थिति को संभालने के लिए सीमित और न्यूनतम बल का ही इस्तेमाल किया गया, ताकि इलाके में शांति बनी रहे।