Delhi News: दिल्ली में रेखा सरकार ने दवाओं की अवैध बिक्री और नशे की बढ़ती समस्या को खत्म करने के लिए सख्य कदम उठाए हैं। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब सभी मेडिकल स्टोर्स को 31 जुलाई तक CCTV कैमरा लगना होगा। इस फैसले का मकसद बिना डॉक्टर की पर्ची बिक रही नशीली और ड्यूल यूज दवाओं पर रोक लगाना है। यानी अब दिल्ली में ड्यूल यूज दवाएं बिना प्रिस्क्रब्शन मेडिकल स्टोर में नहीं मिलेंगी। दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने दिल्ली की सभी केमिस्ट असोसिएशन को एक एडवाइजरी जारी कर दी है।
दरअसल, दिल्ली सरकार को कुछ दवाओं के नशा, इंसान और जानवरों पर ग़लत इस्तेमाल के अलावा कपड़ा, रसायन और खाने की चीजों में इस्तेमाल की शिकायत मिली थी। नेशनल नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन पोर्टल से हुई बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने ये फैसला लिया है। इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई के बाद जिस भी मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरा नहीं होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानिए क्या हैं ड्यूल यूज दवाएं?
ड्यूल यूज दवाएं ऐसी दवाएं होती हैं, जिनका इस्तेमाल इलाज के लिए किया ही जाता है, लेकिन इन्हें नशे या गैर-चिकित्सकीय कामों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। खास तौर पर Schedule H, H1 और X श्रेणी की दवाएं, जिन्हें सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर बेचा जाना चाहिए। हालांकि, हकीकत में कई बार ये दवाएं बिना पर्ची के आसानी से मिल जाती हैं। इससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि समाज में नशे की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है।
सरकार के रडार पर हैं ये दवाएं
Schedule H
सबसे आम दवाइया होती है जैसे कि painkiller, सीजनल फ़्लू की दवाइया। आमतौर पर मेडिकल स्टोर पर सबसे अधिक बिकने वाली यहीं दवाएं हैं।
Schedule H1
इन दवाओं को लेकर नियम थोड़े सख्त होते हैं। केमिस्ट को इन दवाओं को लेकर रजिस्टर मेन्टेन करना होता है।
Schedule X
ये सबसे कठोर नियम वाली दवाइया होती हैं। अमूमन साइकोटिक ड्रग्स इस केटेगरी में होती हैं। ये दवाएं बिना मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेचीं जा सकती हैं।