GRAP 3 Restrictions: एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार के बाद गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 की पाबंदियों को खत्म कर दिया गया है। वायु प्रदूषण में गिरावट देख वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management - CAQM) ने यह फैसला लिया है। हालांकि ग्रैप-1 और ग्रेप-2 के तहत आने वाले प्रतिबंध लागू रहेंगे। भारी वाहनों और ट्रकों की एंट्री पर ग्रैप-3 पर बैन रहता है। अब इसके हटने से ये बैन भी खत्म हो जाएगा। स्टेज-III तभी लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता सीवियर श्रेणी में दर्ज होती है।
CAQM के अनुसार, हाल के दिनों में अनुकूल मौसम परिस्थितियों की वजह से दिल्ली की एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में लगातार सुधार देखा गया है। आयोग ने बताया कि प्रदूषण स्तर में गिरावट का रुझान बना हुआ है, जिसके चलते GRAP-3 जैसे सख्त प्रतिबंधों की फिलहाल जरूरत नहीं रही। वहीं IMD/IITM की तरफ से जारी AQI लेवल और पूर्वानुमानों के आधार पर आगे उचित फैसलों के लिए समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी।
ग्रैप-3 की पाबंदियों में क्या-क्या शामिल?
1. ग्रैप-3 की पाबंदियों में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाती है।
2. मिट्टी उड़ाने वाली साइटों पर तुरंत काम बंद किया जाता है।
3. ईंट भट्ठों, स्टोन क्रशर्स और हॉट मिक्स प्लांट्स को तुरंत बंद किया जाता है।
4. प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक कार्यों पर कठोर कार्रवाई की जाती है।
5. साथ ही सड़क किनारे धूल नियंत्रण अभियान को तेज किया जाता है।
5. ट्रकों और भारी वाहनों की एंट्री पर भी प्रतिबंध लागू हो जाता है।
अब ये पाबंदियां नहीं होंगी क्योंकि ग्रैप-3 हट गया है। एक्यूआई गंभीर श्रेणी से जब हटता है तो ये प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं।
जानिए क्या होता है ग्रैप फार्मूला?
ग्रैप को दिल्ली एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रैप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब दिल्ली में AQI का स्तर 201-300 के बीच होता है। मौजूदा समय में दिल्ली में ग्रैप का चरण-1 ही प्रभावी था। ग्रैप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच 'बहुत खराब' मापा जाता है। चरण-3 'गंभीर' वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है। इस वक्त दिल्ली में एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं ग्रैप कार्य योजना का अंतिम और चरण-4 'गंभीर +' वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।
दिल्ली की एयर क्वालिटी में सुधार
इससे पहले राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता में पहले की तुलना में सुधार दर्ज किया गया। दिल्ली में वायु गुणवत्ता गुरुवार को ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में दर्ज की गई। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 313 रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को मध्यम कोहरा रहने और शुक्रवार को गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।