दिल्ली के रेलवे नेटवर्क में आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए रेलवे अब नई रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत कुछ स्टेशनों के नाम बदलने पर चर्चा हो रही है और कई ट्रेनों को भी नए स्टेशनों पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
दिल्ली के इन स्टेशनों के नाम बदलने की तैयारी
एबीपी लाइव की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के कुछ रेलवे स्टेशनों के नाम में बदलाव करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा शकूरबस्ती और बिजवासन रेलवे स्टेशन को लेकर हो रही है। खबर है कि इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ इनके नाम बदलने या नए तरीके से पहचान देने पर भी विचार किया जा रहा है।
बढ़ाई गई प्लेटफॉर्म्स की संख्या
दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन में पिछले कुछ समय से बड़े स्तर पर विकास कार्य किए गए हैं। पहले यह स्टेशन केवल तीन प्लेटफॉर्म वाला था, लेकिन अब इसका विस्तार कर इसे छह प्लेटफॉर्म वाला स्टेशन बना दिया गया है। रेलवे का उद्देश्य इसे एक महत्वपूर्ण रेलवे हब के रूप में विकसित करना है।
सूत्रों के अनुसार, भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाली कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को शकूरबस्ती स्टेशन से संचालित किया जा सकता है। साथ ही चर्चा है कि शकूरबस्ती स्टेशन का नाम बदलकर "रानी बाग" या कोई अन्य नाम रखा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
किसके पास है स्टेशन के नाम बदलने का अधिकार?
अभी भारतीय रेलवे खुद किसी स्टेशन का नाम नहीं बदल सकती। सूत्रों के मुताबिक, देश में रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने का कानूनी अधिकार केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है। यानी रेल मंत्रालय को किसी भी स्टेशन का नाम बदलने के लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी लेनी पड़ती है। हालांकि, अब रेल मंत्रालय खुद यह कोशिश कर रहा है कि यह अधिकार उसे मिल जाए ताकि भविष्य में नाम बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।
बिजवासन स्टेशन भी बनेगा बड़ा हब
दिल्ली के बिजवासन रेलवे स्टेशन के अपग्रेडेशन को लेकर भी चर्चा चल रही है। जानकारी के अनुसार, इस स्टेशन का संचालन और विस्तार कार्य अक्टूबर से शुरू होने की योजना है। रेलवे की योजना पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और सराय रोहिल्ला स्टेशन से चलने वाली कुछ ट्रेनों को बिजवासन शिफ्ट करने की भी है। खबर है कि अगर स्टेशन का नाम नहीं भी बदला जाता है तो इसके नाम के साथ "दिल्ली" जोड़ा जा सकता है, जिससे यात्रियों को स्टेशन की पहचान और लोकेशन समझने में आसानी हो।
इन स्टेशनों के नाम के आगे जुड़ेगा 'दिल्ली'
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कुछ अन्य स्टेशनों के नाम के साथ भी दिल्ली जोड़ने पर चर्चा हुई है। इनमें सदर बाजार, आदर्श नगर, पटेल नगर और तिलक ब्रिज जैसे स्टेशन शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है और अंतिम निर्णय का इंतजार है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शिफ्ट हो सकती हैं कई ट्रेनें
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। हर दिन यहां लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है। इसी दबाव को कम करने के लिए रेलवे कई ट्रेनों को दूसरे विकसित स्टेशनों पर शिफ्ट करने की योजना बना रहा है। यही वजह है कि आसपास के छोटे स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
₹2650 करोड़ का प्रोजेक्ट
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को आधुनिक मल्टी-लेवल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 2,650 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे की योजना स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और आधुनिक ढांचे से लैस करने की है।
पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर हर दिन लगभग 7 लाख यात्रियों की आवाजाही को संभालने की क्षमता विकसित की जाएगी। इसके तहत बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक वेटिंग एरिया, मल्टी-लेवल एक्सेस सिस्टम और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।