
Red Fort Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में कश्मीर के रहने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह इस मामले में की गयी दूसरी गिरफ्तारी है।'एनआईए अधिकारी ने बताया कि इससे पहले एक अन्य कश्मीरी युवक जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को घाटी में मौजूद एनआईए की एक टीम ने श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
अधिकारी ने कहा कि जांच से यह पता चला है कि जसीर ने कथित तौर पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी मदद की थी। उसने घातक कार बम विस्फोट से पहले ड्रोन में बदलाव किया था और रॉकेट बनाने की कोशिश भी की थी। इस कार बम विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे और 32 घायल हुये थे।
जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला यह आरोपी इस हमले का सक्रिय सह-षड्यंत्रकारी था और उसने आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर इस आतंकी हमले की योजना बनायी थी। अधिकारी ने कहा कि एनआईए बम विस्फोट के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। आतंकवाद-रोधी एजेंसी की कई टीमें अनेक सुरागों को ढूंढ़ने के काम में जुटी हुई हैं और आतंकी हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान के लिए राज्यों में व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं।
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट के आरोपी आमिर राशिद अली को सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों का मानना है कि वह छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के आसपास एक शक्तिशाली वीबीआईईडी विस्फोट की योजना बना रहा था।
हालांकि, यह साजिश तब नाकाम हो गई, जब श्रीनगर पुलिस की गहन जांच के आधार पर हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय से डॉ. मुजम्मिल गनई की गिरफ्तारी हुई और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए। माना जाता है कि इस सफलता से उमर में घबरा गया और अंततः लाल किले के नजदीक हुए विस्फोट में 13 लोग मारे गए।
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