Delhi Traffic Rules: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ना अब पहले जैसा आसान नहीं रहने वाला। सिर्फ चालान भरकर बच निकलने का दौर खत्म होता दिख रहा है। राजधानी में पहली बार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, जिससे साफ संकेत मिल गया है कि पुलिस अब ऐसे मामलों में सख्ती बरतने के मूड में है।
गलत साइड ड्राइविंग पर दर्ज हुई FIR
राष्ट्रीय राजधानी में पहली बार गलत साइड से वाहन चलाने के मामलों में FIR दर्ज की गई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग ट्रैफिक सर्किल में ऐसे मामले दर्ज किए। एक एफआईआर 3 जनवरी को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में और दूसरी सोमवार को कापसहेड़ा थाने में दर्ज की गई।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 यानी लापरवाह ड्राइविंग और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। ये एफआईआर ट्रैफिक सर्किल में तैनात ट्रैफिक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टरों द्वारा दर्ज की गईं।
कापसहेड़ा चौक के पास एक व्यक्ति अपनी कार गलत साइड से चलाता हुआ पकड़ा गया। जब ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे रोका तो ड्राइवर ने कहा कि वह जल्दी में था और जाम से बचना चाहता था। हालांकि पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एफआईआर दर्ज कर दी।
सिर्फ चालान नहीं, जेल का भी खतरा
अब तक गलत साइड ड्राइविंग पर ₹5,000 का चालान कटता था, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला ज्यादा गंभीर हो जाता है। BNS की धारा 281 के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, ₹1,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही वाहन भी जब्त किया जाता है।
जमानत तो मिल जाएगी लेकिन प्रक्रिया लंबी
पुलिस के अनुसार यह अपराध जमानती जरूर है, लेकिन प्रक्रिया आसान नहीं। आरोपी को थाने और कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब जाकर जमानत और वाहन की रिहाई मिलती है। बता दें, पहले दो मामलों में पकड़े गए लोगों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने साफ किया है कि हर गलत ड्राइविंग केस में एफआईआर दर्ज करना नियम नहीं बनेगा। लेकिन अगर कोई ड्राइवर भारी ट्रैफिक वाली सड़क पर गलत साइड से गाड़ी चलाता है या उसकी वजह से जान को खतरा हो सकता है, तो एफआईआर जरूर दर्ज की जाएगी।
तेजी से बढ़ रहे गलत ड्राइविंग के मामले
दिल्ली में पिछले कुछ सालों में गलत साइड ड्राइविंग के मामले तेजी से बढ़े हैं। साल 2025 में ऐसे 3,05,843 मामले सामने आए, जिनमें 1,78,448 चालान काटे गए और बाकी मामलों में नोटिस जारी हुए। वहीं 2024 में यह आंकड़ा 2,49,210 था, जो साफ दिखाता है कि समस्या लगातार बढ़ रही है।