Delhi Water Alert: दिल्लीवासियों को अगले दो दिन पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने 9 और 10 जनवरी को पानी की सप्लाई बाधित रहने का अलर्ट जारी किया है।
क्यों रोकी जा रही है पानी की सप्लाई
दिल्ली जल बोर्ड़ के मुताबिक, चंद्रावल वाटर वर्क्स के अंतर्गत आने वाले जलाशयों में सालाना फ्लशिंग प्रोग्राम किया जा रहा है। यह एक नियमित रखरखाव प्रक्रिया है, जिसमें जलाशयों की सफाई की जाती है ताकि पानी की गुणवत्ता बनी रहे। इसी वजह से हिंदू राव रिजर्वॉयर से पानी पाने वाले इलाकों में दो दिनों तक सप्लाई प्रभावित रहेगी।
ये इलाके होंगे प्रवाभित
शुक्रवार और शनिवार को चांदनी चौक, लाहौरी गेट, पीली कोठी, कश्मीरी गेट, सेंट स्टीफन अस्पताल, हिंदू राव अस्पताल, सिविल लाइंस, नया बाजार बूस्टर पंपिंग स्टेशन, नया बांस, मोरी गेट, तीरथ राम अस्पताल, राजपुर रोड, बंगला रोड, सराय फूस इलाकों में लोगों को कम प्रेशर या बिल्कुल पानी न मिलने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। जल बोर्ड ने सलाह दी है कि लोग जरूरत के हिसाब से पानी स्टोर कर लें।
इंटरकनेक्शन वर्क से भी बढ़ी परेशानी
सिर्फ चंद्रावल क्षेत्र ही नहीं, बल्कि कई दूसरे इलाकों में भी पानी की सप्लाई रोकी जाएगी। यहां 900 मिमी की नई पानी की पाइपलाइन को छह अलग-अलग जगहों पर जोड़ा जा रहा है। इस काम की वजह से इंदरपुरी, तोड़ापुर गांव, नारायणा गांव और विहार, मानसरोवर गार्डन, राजौरी गार्डन, कीर्ति नगर, पंजाबी बाग, तिलक नगर, ख्याला, विष्णु गार्डन और आसपास के इलाकों में भी पानी की दिक्कत हो सकती है।
इंदौर हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत दिल्ली जल बोर्ड को सीवर लाइनों के पास से गुजरने वाली पानी की पाइपलाइन की जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं से भी लीकेज या गंदे पानी की मिलावट न हो।
बिलिंग सिस्टम भी सवालों में
पानी संकट के बीच दिल्ली जल बोर्ड की आंतरिक रिपोर्ट ने एक और बड़ी खामी उजागर की है। करीब 60 फीसदी उपभोक्ताओं को अब भी पानी का फिजिकल बिल नहीं मिल रहा। इससे सरकार की वाटर बिल एमनेस्टी स्कीम पर भी असर पड़ा है, क्योंकि कई लोगों को पता ही नहीं कि उन पर कितना बकाया है।
बिलिंग सिस्टम बदलेगा, मंत्री ने दिया भरोसा
दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने साफ कहा है कि मौजूदा बिलिंग सिस्टम पुराना और बेअसर हो चुका है। उन्होंने बताया कि सिर्फ करीब 40 फीसदी रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं तक ही बिल पहुंच पा रहा है। सरकार अब पूरे सिस्टम को नए सॉफ्टवेयर के जरिए सुधारने की तैयारी कर रही है, ताकि लोगों को समय पर सही बिल मिल सके। गौरतलब है कि दिल्ली में फिलहाल 29 लाख रजिस्टर्ड वाटर कनेक्शन हैं, जो असल घरों की संख्या से काफी कम हैं।
अगले दो दिन दिल्लीवासियों के लिए पानी के मामले में चुनौती भरे हो सकते हैं। ऐसे में समझदारी यही है कि पानी का सही इस्तेमाल किया जाए और गैर-जरूरी खपत से बचा जाए। जल बोर्ड का कहना है कि काम पूरा होते ही सप्लाई को सामान्य कर दिया जाएगा।