कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक एक्स पोस्ट ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने पिछले सप्ताह ढाई साल पूरे किए हैं, ऐसे में शिवकुमार का पोस्ट एक बार फिर सत्ता-साझेदारी वाले समझौते को चर्चा के केंद्र में ले आया है। डीके शिवकुमार ने एक्स पर लिखा, शब्दों की ताकत ही दुनिया की ताकत है। दुनिया में सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है। चाहे वह जज हो, अध्यक्ष हो या कोई और जिसमें मैं भी शामिल हूं। सभी को अपनी बात पर चलना होगा।
डीके शिवकुमार के पोस्ट ने बढ़ाई सियासी गर्मी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महीनों से सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि यह पोस्ट कांग्रेस हाईकमान को अप्रत्यक्ष रूप से उस सत्ता-साझेदारी फॉर्मूले की याद दिलाने जैसा है, जिस पर मई 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद सहमति बनी बताई जाती है।
सोनिया-राहुल के मशविरा से सुलझाया जाएगा मामला- खरगे
कर्नाटक में कांग्रेस ने रिकॉर्ड बहुमत के साथ सत्ता हासिल की थी, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबी खींचतान हुई थी। तब यह दावा किया गया था कि कांग्रेस नेतृत्व ने एक समझौते के तहत सिद्दारमैया को पहले ढाई साल के लिए और शिवकुमार को शेष कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति जताई थी। हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कभी इस पर मुहर नहीं लगाई। अब, ढाई साल पूरे होते ही यह मुद्दा फिर चर्चा में है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि यह मामला वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सलाह-मशविरा के बाद ही सुलझाया जाएगा।
क्या कर्नाटक में बदल जाएगा सीएम?
वहीं मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार दोनों बार-बार मतभेद की खबरों को खारिज करते रहे हैं। लेकिन शिवकुमार की ताजा पोस्ट ने कर्नाटक के राजनीतिक गलियारे में बड़े बदलाव की नई बहस छोड़ दी है।