देसी घी के नाम पर आजकल कई ऐसे लोग हैं जो असली पैकिंग में नकली घी बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का पर्दाफाश उत्तर प्रदेश स्थित गाजियाबाद में हुआ। गाजियाबाद के वैशाली इलाके से खाद्य सुरक्षा विभाग ने भारी मात्रा में नकली घी पकड़ा है, जिसे मधुसूदन ब्रांड की पैकिंग में ग्राहकों को बेचा जा रहा था।
कैसे हुआ खुलासा?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि मधुसूदन कंपनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। टीम ने लक्ष्मी जनरल स्टोर और उसकी दूसरी ब्रांच पर छापा मारा। दुकानदार नकली घी को मधुसूदन ब्रांड की पैकिंग में बेच रहे थे। जब उनसे असली बिल या दस्तावेज दिखाने को कहा गया तो वे ये दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहे।
भारी मात्रा में नकली घी जब्त
छापे के दौरान दुकानों से 900 एमएल के 82 पैकेट और 15 किलो वाले 5 टिन नकली घी जब्त किए गए। पूछताछ में दुकानदार भाइयों, विनय अग्रवाल और भारत अग्रवाल ने माना कि वे सस्ते दाम पर घी खरीदकर उसे असली बताकर ग्राहकों को बेचते थे। इससे उन्हें मोटा मुनाफा होता था। लेकिन यह खेल सीधे-सीधे लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ था।
कार्रवाई और केस दर्ज
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त किए गए घी के सैंपल लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं, पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63, 65 और बीएनएस की धारा 274, 275 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।