
National Herald Case Update: दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पांच अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वह अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगा। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए मोदी सरकार पर गैर-कानूनी कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की गई जांच पर आधारित है, न कि किसी मूल अपराध से संबंधित प्राथमिकी पर।
उन्होंने कहा कि कानून के तहत इस पर संज्ञान लेना स्वीकार्य नहीं है। आदेश के मुख्य हिस्से को पढ़ते हुए न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है इसलिए ऐसे में गुण-दोष के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय के तर्कों पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी।
कांग्रेस ने कोर्ट के फैसले को सत्य की जीत करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गैरकानूनी कार्रवाई बेनकाब हो गई है तथा दुष्प्रचार ध्वस्त हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने एक्स पर लिखा, 'नेशनल हेराल्ड मामले में शानदार जीत हुई। न्यायाधीश को यह मामला संज्ञान में लेने लायक भी नहीं लगा। अब तक का सबसे अजीब मामला है जिसमें पैसे का बिल्कुल भी लेन-देन नहीं हुआ, अचल संपत्ति में एक इंच भी बदलाव नहीं हुआ, फिर भी ईडी का कहना है कि बहुत बड़ा धनशोधन हुआ है।'
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद भाजपा कथित धनशोधन को लेकर बहुत ज्यादा हंगामा कर रही है। सिंघवी ने कहा कि किसी भी चीज को बढ़ा-चढ़ाकर बताना, खूब द्रष्प्रचार करना और कोई सच्चाई नहीं होना, मौजूदा सरकार की पहचान बन गई है।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा, 'आज सत्य की जीत हुई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पिछले 10 साल से जारी मोदी सरकार की बदले की राजनीति और गैरकानूनी तरीके से की गई कार्रवाई आज पूरी तरह से बेनकाब हो गई है।'
उन्होंने कहा, 'अदालत का फैसला है कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है, उसके पास कोई प्राथमिकी नहीं है जिसके बिना कोई मामला ही नहीं बनता। मोदी सरकार ने एक दशक से कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से कार्रवाई की जिसका आज पूरे देश के सामने पर्दाफाश हो गया।'
सुप्रिया ने कहा कि धनशोधन का कोई मामला नहीं, अपराध की कोई आय नहीं और संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं हुआ, लेकिन भाजपा और मोदी सरकार के 'चरणचुम्बकोंट' ने ये सभी घटिया आरोप और लांछन द्वेष की भावना से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए। उन्होंने कहा कि यह दुष्प्रचार धराशायी हो गया है। सुप्रिया ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी सच और साहस के साथ लड़ती है और आज फिर हम सही साबित हुए।'
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, दिवंगत पार्टी नेताओं मोतीलाल वोरा एवं ऑस्कर फर्नांडिस के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन पर आपराधिक साजिश और धनशोधन का आरोप लगाया है।
आरोप है कि उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का अधिग्रहण किया। यह कंपनी ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार का प्रकाशन करती है। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि गांधी परिवार की यंग इंडियन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसने 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले कथित तौर पर धोखाधड़ी से एजेएल की संपत्तियों पर कब्जा कर लिया।
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